Ladakh: पैंगोंग दक्षिण में मुंह की खाने के बाद चीन के विदेश मंत्री बोले- हम शांति चाहते हैं
बीजिंग। भारत और चीन के बीच जारी ताजा घटनाक्रम के बाद चार महीन का टकराव बेहद तनावपूर्ण हो गया है। अब चीन के विदेश मंत्री वांग वाई का बयान आया है। उन्होंने कहा है कि भारत और चीन के बीच बातचीत के रास्ते हमेशा खुले हैं। 29 और 30 अगस्त की रात चुशुल में चीन की पीपुल्स लिब्रेशन आर्मी (पीएलए) के साथ भारतीय सेना के जवानों की झड़प हुई है। सूत्रों की मानें तो इस बार तनाव 15 जून से कहीं ज्यादा था। पीएलए ने इस बार पैंगोंग झील के दक्षिण में कब्जे की कोशिश की थी। लेकिन भारतीय जवानों ने उनकी हर मेहनत पर पानी फेर दिया।

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चीन ने कहा बातचीत से हल हो मसला
चीन के विदेश मंत्री वांग वाई ने कहा है कि भारत और चीन के बीच तनाव को वार्ता से ही दूर किया जा सकता है। उनका दावा है कि चीन हमेशा से ही बॉर्डर पर शांति और स्थिरता के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा है कि चीन कभी भी स्थिति को तनावपूर्ण नहीं बनाएगा। लद्दाख में ताजा घटनाक्रम के बाद चुशुल में इस समय भारत और चीन के बीच ब्रिगेड कमांडर स्तर की मीटिंग जारी है। चीन की सेना ने 29 और 30 अगस्त की रात पैंगोंग के दक्षिण में अचानक मोर्चा खोल दिया था। इस जगह पर भारत ने हमेशा से मजबूत पकड़ बनाई हुई है। चीन की तरफ से भी आधिकारिक बयान जारी किया गया है उसमें भी इस बात की भी पुष्टि की गई है।
दूतावास ने भारत पर लगाया आरोप
भारत में चीन के दूतावास की तरफ से भारत पर गैर-कानूनी तरीके से बॉर्डर को पार करने का आरोप लगाया गया है। दूतावास का कहना है कि भारत की सेना ने समझौतों का उल्लंघन किया है। वहीं पीएलए के वेस्टर्न थियेटर कमांड की तरफ से जो बयान आया है उसमें भी ऐसी ही बातें कही गई हैं। कमांड की तरफ से कहा गया है कि गैर-कानूनी तौर पर एलएसी पार करने के बाद इंडियन आर्मी ने रेकिन माउंटेन पास को अपने नियंत्रण में ले लिया। वेस्टर्न थियेटर कमांड के प्रवक्ता कर्नल झांग शुली की तरफ से जारी किया गया है। कर्नल शुली ने कहा है कि भारत ने बॉर्डर पर तनाव बढ़ा दिया है। चीन का कहना है कि वह रेकिन पास पर भारत के नियंत्रण का विरोध करता है। चीन ने भारत से अपील की है कि वह अपनी सेना को यहां से तुरंत हटाने का आदेश जारी करे।












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