कोविशील्ड की दोनों डोज लेने वालों को भी ब्रिटेन में क्वारंटाइन जरूरी, भारत ने कहा- भेदभावपूर्ण
नई दिल्ली, 21 सितम्बर। भारतीयों को लेकर ब्रिटेन की नई वैक्सीन पॉलिसी को भारत ने भेदभावपूर्ण नीति बताया है जिसमें वैक्सीन की दोनों डोज लेने वालों को भी अनिवार्य रूप से क्वारंटाइन में रहने को कहा गया है। भारत ने यह भी कहा है कि ब्रिटेन ने खुद भारत में बने टीके का इस्तेमाल किया है।
Recommended Video

ब्रिटेन के नए नियमों के मुताबिक "जिन भारतीय यात्रियों ने सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा निर्मित कोविशील्ड वैक्सीन की दोनों डोज ली है उन्हें बिना वैक्सीन का माना जाएगा और 10 दिन की अवधि के लिए क्वारंटाइन में रहना होगा।"
विदेश मंत्रालय ने जारी किया बयान
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा "मूल मुद्दा यह है कि कोविशील्ड वैक्सीन का मुख्य उत्पादक ब्रिटेन में ही है। हमने ब्रिटेन को उनके अनुरोध पर 50 लाख वैक्सीन की डोज पहुंचाई है। जो कि उनके स्वास्थ्य विभाग के द्वारा इस्तेमाल की गई है।"
बयान में आगे कहा गया है कि ''कोविशील्ड को मान्यता न देना एक भेदभावपूर्ण नीति है। विदेश मंत्री ने ब्रिटेन के अपने समकक्ष के साथ इस मुद्दे को उठाया है। मामले को जल्द से जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया गया है।"
विदेश मंत्री ने उठाया मुद्दा
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने मंगलवार को एक बैठक के दौरान ब्रिटेन के विदेश मंत्री के समक्ष इस मुद्दे को उठाया और इस गतिरोध के शीघ्र समाधान का आग्रह किया। बयान में कहा गया है "हमने अपने सहयोगी देशों को टीकों की पारस्परिक मान्यता की पेशकश की है लेकिन ये पारस्परिक क्रियाएं हैं। लेकिन हम संतुष्ट नहीं होते हैं तो हम पारस्परिक उपायों को लागू करने के लिए स्वतंत्र होंगे।
विदेश मंत्री जयशंकर ने बैठक के बाद कहा कि उन्होंने पारस्परिक हित में गतिरोध के शीघ्र समाधान का आग्रह किया है।
अमेरिकी वीजा पर भी बयान
अमेरिका ने कहा है कि वह टीका लगा चुके भारतीयों और अन्य नागरिकों के लिए नवंबर से हवाई यात्रा शुरू करेगा। यात्रा मानदंडों में छूट पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सरकार ने कहा, "भारतीय छात्रों के लिए वीजा प्रदान किया गया और तेज किया गया। हमने इसे उठाया। अब हम भारतीय पेशेवरों को वीजा दिए जाने पर विचार कर रहे हैं। अब पूरी तरह से टीका लगाए गए यात्रियों को अनुमति दी जाएगी। ये सकारात्मक कदम हैं।"












Click it and Unblock the Notifications