...तो क्या प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि का साथ नहीं देंगे इंडी गुट के सांसद? विपक्षी दल के नेताओं कही बड़ी बात
18वीं लोकसभा के लिए नए अध्यक्ष की नियुक्ति अब तक नहीं हो पाई है। ऐसे में सदन में अध्यक्ष के कार्यों को नई नियुक्ति तक संभालने के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की है। इस बीच लोकसभा का पहला सत्र 24 जून को शुरू होने जा रहा है, जबकि लोकसभा अध्यक्ष का चुनाव 26 जून को होना है। इस बीच आईएनडीआईए गुट ने संसदीय कार्यों में प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब की सहायता से किनारा करने की बात कही है।
लोकसभा अध्यक्ष के चुनाव से पहले ही विधानसभा का सत्र शुरु हो रहा है। ऐस में अध्यक्ष के चुनाव होने तक प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की गी है, जो संसदीय कार्यों को संभालेंगे। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब की सहायता करने के लिए राष्ट्रपति ने वरिष्ठ सांसदों का एक पैनल भी नामित किया है। जिसमें कांग्रेस समेत आईएनडीआईए में शामिल अन्य दलों के सांसद भी शामिल है।

पैनल में कोडिकुन्निल सुरेश, टीआर बालू और सुदीप बंद्योपाध्याय को शामिल किया गया है, जिन्हें नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाने में प्रोटेम स्पीकर महताब की सहायता करनी है। इससे अलावा भाजपा सांसद राधा मोहन सिंह और फग्गन सिंह कुलस्ते को भी शामिल किया गया है।
कांग्रेस नेता जयराम रमेश ने इस हफ्ते प्रोटेम स्पीकर महताब की नियुक्ति की आलोचना की और कहा कि सांसद कोडिकुन्निल सुरेश, टीआर बालू और सुदीप बंद्योपाध्याय प्रोटेम स्पीकर के नाम पर विचार ना किया जाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि प्रोटेम स्पीकर की नियुक्ति की प्रक्रिया में संसदीय नियमों की अनदेखी गई है।
वहीं कांग्रेस के आरोप का जवाब देते हुए, संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने शुक्रवार को प्रोटेम स्पीकर भर्तृहरि महताब की नियुक्ति को उचित ठहराया और कहा, "वेस्टमिंस्टर प्रणाली के अनुसार, सबसे लंबे समय तक निर्बाध कार्यकाल वाले सांसद को इस पद के लिए चुना जाता है। महताब सात बार बिना किसी अवकाश के लोकसभा सदस्य हैं। इस समय अगर मंत्रियों को छोड़ दें तो वह सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले सदस्य हैं।"












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