इंडिया बैंकिंग कॉन्क्लेव को संबोधित करेंगे शाह और जेटली

नई दिल्ली। सेंटर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड रिसर्च( सीईपीआर) इंडिया बैंकिंग कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहा है। जिसमें नीति आयोग सहयोगी है। आईटीसी मौर्या, कमल महल दिल्ली में 23 और 24 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम में फाइनेंस और राजनीति जगत की हस्तियां शामिल होंगी। इस आयोजन को अमित शाह और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में बैंकिंग सेक्टर के सामने चुनौतियों पर बात होगी।

नई दिल्ली। सेंटर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड रिसर्च( सीईपीआर) इंडिया बैंकिंग कॉन्क्लेव का आयोजन कर रहा है। जिसमें नीति आयोग सहयोगी है। आईटीसी मौर्या, कमल महल दिल्ली में 23 और 24 अगस्त को होने वाले इस कार्यक्रम में फाइनेंस और राजनीति जगत की हस्तियां शामिल होंगी। इस आयोजन को अमित शाह और केंद्रीय मंत्री अरुण जेटली भी संबोधित करेंगे। इस कार्यक्रम में बैंकिंग सेक्टर के सामने चुनौतियों पर बात होगी। दो दिन के इस कॉन्क्लेव में अमित शाह और अरुण जेटली के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सुरेश प्रभु, गिरिराज सिंह, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, नीति आयोग के वीपी राजीव कुमार, आर्थिक मामलों की सलाहकार इला पटनायक, सीसी ग्रुप के चेयरमैन जसपाल बिंद्रा, ट्रांस यूनियन सीबील के सीईओ सतीश पिल्लई, आरेएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सीईओ मुकेश कुमार जैन, एसबीआई की पूर्व चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य, अर्थशास्त्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल, पूर्व सीईओ सिटी बैंक सुमंत सिंहा, स्वायर ग्लोबल के सह-संस्थापक विवेक अग्रवाल, बैंक ऑफ बरौदा के चेयरमैन रवि वेंकटेश, नासकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष और मोर्गन स्टेनले के एमडी रिधम देसाई इस कॉन्क्लेव में प्रमुख वक्ता होंगे। इस कॉन्क्लेव में निवेश के लिए माहौल तैयार करने और जीडीपी को आठ प्रतिशत कैसै रखा जाए इस पर बात होगी। बैंकिंग क्षेत्रों के कामकाज पर बातचीत होगी और चर्चा होगी कि कैसे उसको बेहतर बनाया जाए। सेंटर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड रिसर्च के इस दो दिवसीय आयोजन के दौरान कमियों और समस्याओं के समाधान पर बात होगी। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य बैंकों की स्थिति पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य के लिए भी कार्य-योजना बनाने पर जोर देना होगा। इस कॉन्क्लेव में बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति, बैंकों की स्थिति कैसे सुधारी जाए, इसके लिए क्या कदम उठाया जाएं, पिछली सरकारों के इस ओर किए प्रयास, बैंक बदलाव को कितना अपना सकते हैं और बैंकों की स्थिति सुधारने में टेक्नॉलोजी कितनी कारगर साबित होगी, जैसे विषयों पर बात होगी।

दो दिन के इस कॉन्क्लेव में अमित शाह और अरुण जेटली के अलावा केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल, सुरेश प्रभु, गिरिराज सिंह, आरबीआई गवर्नर उर्जित पटेल, नीति आयोग के वीपी राजीव कुमार, आर्थिक मामलों की सलाहकार इला पटनायक, सीसी ग्रुप के चेयरमैन जसपाल बिंद्रा, ट्रांस यूनियन सीबील के सीईओ सतीश पिल्लई, आरेएंटल बैंक ऑफ कॉमर्स के सीईओ मुकेश कुमार जैन, एसबीआई की पूर्व चेयरमैन अरुंधति भट्टाचार्य, अर्थशास्त्री गोपाल कृष्ण अग्रवाल, पूर्व सीईओ सिटी बैंक सुमंत सिंहा, स्वायर ग्लोबल के सह-संस्थापक विवेक अग्रवाल, बैंक ऑफ बरौदा के चेयरमैन रवि वेंकटेश, नासकॉम के अध्यक्ष देबजानी घोष और मोर्गन स्टेनले के एमडी रिधम देसाई इस कॉन्क्लेव में प्रमुख वक्ता होंगे।

इस कॉन्क्लेव में निवेश के लिए माहौल तैयार करने और जीडीपी को आठ प्रतिशत कैसै रखा जाए इस पर बात होगी। बैंकिंग क्षेत्रों के कामकाज पर बातचीत होगी और चर्चा होगी कि कैसे उसको बेहतर बनाया जाए। सेंटर फॉर इकॉनोमिक पॉलिसी एंड रिसर्च के इस दो दिवसीय आयोजन के दौरान कमियों और समस्याओं के समाधान पर बात होगी। इस कॉन्क्लेव का उद्देश्य बैंकों की स्थिति पर चर्चा के साथ-साथ भविष्य के लिए भी कार्य-योजना बनाने पर जोर देना होगा।

इस कॉन्क्लेव में बैंकिंग क्षेत्र की स्थिति, बैंकों की स्थिति कैसे सुधारी जाए, इसके लिए क्या कदम उठाया जाएं, पिछली सरकारों के इस ओर किए प्रयास, बैंक बदलाव को कितना अपना सकते हैं और बैंकों की स्थिति सुधारने में टेक्नॉलोजी कितनी कारगर साबित होगी, जैसे विषयों पर बात होगी।

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