कनाडा के साथ विवाद के बीच भारत ने वीजा पर लगाई रोक, भारतीय परिवारों का बढ़ा BP!
भारत और कनाडा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंध दिन-ब-दिन खराब होते जा रहे हैं। भारत ने अपने नागरिकों को कनाडा में रहने के दौरान 'अत्यधिक सावधानी बरतने' की चेतावनी दी है। साथ ही भारत ने वीजा पर रोक लगा दी है। जिसके चलते भावी छात्रों के साथ-साथ उन भारतीयों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है जो पहले से ही शिक्षा प्राप्त करने के लिए कनाडा में हैं।
ऐसे में परिवार की चिंता अब सामने आने लगी है। पंजाब के अमृतसर निवासी कुलदीप कौर कहती हैं कि मेरी दो बेटियां कनाडा में हैं और मैं तनावग्रस्त हूं। वे वहां पढ़ाई के लिए गई हैं। दोनों देशों की सरकारों को मिलकर इसका समाधान निकालना चाहिए।

वहीं, बलविंदर सिंह कहते हैं कि हम चिंतित हैं, मेरी बेटी पढ़ाई के लिए कनाडा गई थी, उसे गए हुए 7 महीने हो गए हैं। मीडिया में खबर है कि दोनों देशों (भारत और कनाडा) के बीच तनाव चल रहा है। मेरी बच्ची भी वहां चिंतित है, वह अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित नहीं कर पा रही है।
#WATCH | Amritsar, Punjab: On India- Canada row, Kuldeep Kaur, whose daughters study in Canada says, " My two daughters are in Canada and I am tensed...they have gone there to study. Govts of both countries should together find a solution". pic.twitter.com/Z1muIvhDRe
— ANI (@ANI) September 23, 2023
हर साल 10 हजार से ज्यादा छात्र जाते हैं कनाडा
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, कनाडा भारतीयों खासकर छात्रों के लिए एक आकर्षक केंद्र है। उनमें से एक बड़ा हिस्सा पंजाब, हरियाणा, गुजरात और दिल्ली से है। हर साल 10 हजार से ज्यादा छात्र भारत से कनाडा जाते हैं। हालांकि, खालिस्तानी नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या से संबंधित आरोपों के चलते कई छात्र अब निर्णय लेने के लिए तनावग्रस्त हैं। जबकि कुछ लोगों का मानना है कि मौजूदा तनाव भारतीयों को यूके और ऑस्ट्रेलिया जैसे अन्य देशों को विकल्प के रूप में तलाशने के लिए मजबूर कर रहा है।
अनुमान के अनुसार, पिछले दिसंबर में कनाडा में 807,750 अध्ययन परमिट धारक थे, जो 2021 की तुलना में 190,000 से अधिक है, जबकि कनाडा ने देश की 2014 की अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा रणनीति में 2022 तक 450,000 विदेशी छात्रों के लक्ष्य को निर्धारित किया था। यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि 2021 में, कनाडा जाने वाले 35 प्रतिशत विदेशी छात्र भारतीय थे और 6.17 लाख अध्ययन वीजा वाले थे। एचटी के अनुसार, कनाडा द्वारा दिए गए 2.17 प्रतिशत भारतीय छात्रों (जिनमें से कई पंजाबी थे) को दिए गए थे।












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