दिल्ली में I.N.D.I.A. गठबंधन की मेगा रैली आज, 26 दल एक मंच से भरेंगे हुंकार, कौन- कौन से मुद्दे होंगे शामिल
लोकसभा चुनाव 2024 से पहले दिल्ली के रामलीला मैदान में आईएनडीआईए गठबंधन में शामिल दलों को दिग्गजों का जमावड़ा हो रहा है। दिल्ली शराब नीति से जुड़े कथित शराब घोटाला मामले में आईएनडीआईए में शामिल दल आम आदमी पार्टी की नेताओं की गिरफ्तारी और लोकतंत्र की सुरक्षा की मांग को लेकर कई विपक्षी दलों को नेता एक मंच पर दिखेंगे और यहीं लोकसभा चुनाव 2024 में गठबंधन की सरकार बनाने के लिए वोट की अपील की जाएगी। प्रवर्तन निदेशालय के सीएम केजरीवाल के खिलाफ एक्शन के बाद इंडी गठबंधन की इस मेगा रैली के कई मायने हैं।
लोकसभा चुनाव की तारीखें नजदीक आते ही राजनीतिक दलों ने जनसंपर्क तेज कर दिया है। इस बीच एनडीए और इंडी गठबंधन के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। दिल्ली के रामलीला मैदान की मेगा रैली के लिए विपक्ष में शामिल दलों के नेता 31 मार्च को हुंकार भरने जा रहे हैं।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के खिलाफ राष्ट्रीय राजधानी के रामलीला मैदान में इंडिया गठबधन में शामिल दलों की महारैली में सोनिया गांधी, राहुल गांधी समेत कई बड़े दिग्गज शामिल हो रहे हैं। पंजाब के मंत्री और आप नेता बलबीर सिंह ने इस रैली को ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है की रामलीला मैदान में आईएनडीआईए गठबंधन की रैली उद्देश्य तानाशाही को खत्म करना और लोकतंत्र को बचाना है।
बलबीर सिंह के मुताबिक रैली इतनी बड़ी होगी कि सारे रिकॉर्ड टूट जाएंगे। आप नेता ने दावा किया कि अरविंद केजरीवाल अपने लिए नहीं बल्कि देश के युवाओं और किसानों के लिए जेल गए हैं। वह 140 करोड़ भारतीयों के लिए लड़ रहे हैं।
रैली में ये नेता होंगे शामिल
रामलीला मैदान में मेगा रैली के दौरान कांग्रेस से मल्लिकार्जुन खरगे, सोनिया गांधी और राहुल गांधी, NCP (पवार गुट) अध्यक्ष शरद पवार, शिव सेना (UBT गुट) के उद्धव ठाकरे, समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव, RJD के नेता तेजस्वी यादव, तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ ब्रायन, डीएमके नेता तिरुची एन. शिवा, नैशनल कॉन्फ्रेंस अध्यक्ष फारुख अब्दुल्ला, झारखंड के मुख्यमंत्री चंपई सोरेन, हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन, CPM महासचिव सीताराम येचुरी, CPI के जनरल सेक्रेटरी डी. राजा, CPI (ML) के लीडर दीपांकर भट्टाचार्य, फॉरवर्ड ब्लॉक के लीडर जी देवराजन और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान समेत कई दिग्गज शामिल होंगे।
26 पार्टियां होंगी शामिल
जयराम रमेश ने कहा कि यह आईएनडीआईए में शामिल सभी 26 पार्टियों की रैली है। यह अलग बात है कि पश्चिम बंगाल में सीट शेयरिंग फार्मूला लागू नहीं हुआ फिर भी तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता गठबंधन की इस लोकतंत्र बचाओ रैली में शामिल होंगे।इस मौके पर कांग्रेस के नेता पवन खेड़ा ने कर्नाटक की राजनीति में सक्रिय रहीं तेजस्विनी गौड़ा को पार्टी की सदस्यता दिलाई और पार्टी में दोबारा से शामिल होने पर स्वागत किया। तेजस्विनी गौड़ा 2004-09 के दौरान कांग्रेस की सांसद थी। इसके बाद वे मार्च 2014 में उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी और भाजपा में शामिल हो गईं। मार्च 2024 में उन्होंने कर्नाटक विधान परिषद सदस्य के पद से इस्तीफा दे दिया।
कौन- कौन से मुद्दे होंगे अहम
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने पार्टी मुख्यालय में एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में उन्होंने बताया कि 31 मार्च को होने वाली रैली लोकतंत्र और संविधान को बचाने के लिए है। इसका नाम 'लोकतंत्र बचाओ रैली' रखा गया है। कांग्रेस नेता ने कहा कि मेगा रैली का मुख्य मुद्दा महंगाई, बेरोजगारी, आर्थिक विषमता और ध्रुवीकरण होगा, जो बीजेपी के शासनकाल में चरम पर पहुंच रहा है।












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