चीन से निपटने को भारत तैयार कर रहा है 'प्लान 73', जानिए क्या है ये
नई दिल्ली। चीन के साथ डोकलाम विवाद भले ही नरम पड़ गया हो, लेकिन भारत अब अपनी सीमावर्ती सुरक्षा को लेकर पूरी तरह से आश्वस्त हो गया है। डोकलाम विवाद के बाद भारत अपनी सीमाओं को मजबूत करने में लगा है और सुरक्षा को लेकर किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरतना चाहता है। चीन के हथकंडों से बाज आने के लिए भारत ने सीमावर्ती इलाकों पर बंद पड़े निर्माण कार्यों को फिर से शुरू कर दिया है। इसके लिए सरकार और सेना ने 'प्लान 73' पर तेजी से काम करने का मन बना लिया है।

सीमा पर सरकार-सेना की वार्ता
केन्द्रीय मंत्री किरण रिजीजू, जनरल (सेवानिवृत्त) वी के सिंह और सेना प्रमुख बिपिन रावत सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने मंगलवार को भारत-चीन सीमा पर निर्माणाधीन परियोजनाओं की प्रगति का जायजा लिया। इस बैठक में अरुणाचल प्रदेश और चीन सीमा पर बंद पड़े कार्यों को फिर से शुरू करने की चर्चा की गई। अरूणाचल प्रदेश और चीन के बीच 1,126 किमी लंबी सीमा है।

क्या है प्लान 73
चीन से बाज आने के लिए भारत सरकार सीमा पर कई योजनाओं पर काम कर रही है। इस नई योजना के तहत भारत ने चीन के साथ सटे सीमाओं पर 73 सड़कें बनाने का निर्णय लिया है, जो शुरू भी हो चुका है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगर भारत इस प्लान में सफल हुआ तो चीनी सेना को भारतीय सीमा में घुसना मुश्किल हो जाएगा। इस योजना में जम्मू कश्मीर, हिमांचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश की सीमाओं पर सड़क निर्माण कराया जा रहा है। पिछले कुछ सालों से भारतीय सीमा पर चीन लगातार अपनी गतिविधियों को बढ़ाता आया है। इसी को देखते हुए भारत ने प्लान 73 का निर्णय लिया है।

रक्षा और गृह मंत्रालय के अंतर्गत है प्लान 73
केन्द्रीय मंत्री किरण रिजीजू ने लोकसभा में बोलते हुए कहा था कि भारत-चीन सीमा पर 46 सड़कों का निर्माण रक्षा मंत्रालय और बाकि के 27 सड़कों के निर्माण का जिम्मा गृह मंत्रालय के पास होगा। रिजीजू ने यह भी कहा कि भारत-चीन सीमा पर अब तक 30 सड़कों का निर्माण भी हो चुका है।












Click it and Unblock the Notifications