भारत-रूस के बीच 45 हजार करोड़ रुपये का रक्षा सौदा रद्द होने के कगार पर, ये हैं कारण

नई दिल्ली। भारत और रूस के बीच अगस्त में हुआ 6.7 बिलियन डॉलर (44,800 करोड़) का रक्षा सौदा अब रद्द होने जा रहा है। इंडियन एयर फोर्स (IAF) ने सरकार को कहा है कि रूस के साथ हुए फिफ्थ जनरेशन फायर एयरक्राफ्ट (FGFA) डील को वापस ले लिया जाए। IAF ने रक्षा मंत्रालय को लेटर लिखकर तर्क दिया है कि इस डील के मुताबिक रूस जो फाइटर प्लेन देगा वो अमेरिकी F-35 जॉइंट स्ट्राइक फाइटर से कमजोर है।

भारत-रूस के बीच बड़ा रक्षा सौदा रद्द होने के कगार पर

इंडियन एयर फोर्स ने रूस के साथ हुए सौदे को रद्द करने के लिए सरकार पर दबाव डालते हुए कहा है कि हम इस सौदे के साथ काम नहीं कर सकते। एयर फोर्स वाइस मार्शल बीवी कृष्णा ने सरकार को कहा कि वे इन प्लेन से खुश नहीं है। उन्होंने कहा कि ना सिर्फ इस प्रोजेक्ट की लागत परेशानी है, बल्कि इन प्लेन से रडार सिगनेचर और इंजन पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इंडियन एयर फोर्स के अनुसार, इस प्लेन की मजबूती और क्रॉस-सेक्शन फिचर अमेरिका के F-35 से कमजोर है। अधिकारियों ने बताया कि भविष्य में अगर इसके इंजन में तकनीकी दिक्कत आई तो IAF को भारी नुकसान का सामना करना पड़ेगा। इससे पहले भारत ने रूस से सुखोई-30 खरीदे थे, जिसके बाद IAF ने इसकी हाई रखरखाव लागत पर भी सवाल खड़े किए थे।

हालांकि, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स के चेयरमैन टी सुवरना राजु के अनुसार, भारत और रूस इस प्रोजेक्ट पर बहुत अच्छे से काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, इस डील को जारी रखना चाहिए। हालांकि, रक्षा मंत्रालय की तरफ से इसको लेकर अभी तक कोई बयान नहीं आया है। इससे पहले भी इंडियन एयर फोर्स सरकार के रक्षा सौदे को लेकर आपत्ति जता चुका है।

Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+