यादव सिंह की डायरी उगलेगी 10 करोड़ के हीरों का राज़
नोएडा (विवेक शुक्ला)। नोएडा के चर्चित भ्रष्ट इंजीनियर यादव सिंह ने अपने कितने रिश्तेदारों को कितने करोड़ के हीरे पहुंचाये हैं, इस बात की खोज अब आयकर विभाग और पुलिस की टीम करेगी। जी हां अब आयकर विभाग के अधिकारी यादव सिंह के रिश्तेदारों और करीबी मित्रों के भी पूछताछ करेंगे। ये वही यादव सिंह हैं, जिनके घर पर पड़े छापे में 10 करोड़ के हीरे बरामद हुए थे। और हां वह डायरी जांच टीम के हाथ लग चुकी है, जो इस भ्रष्ट जाल के राज उगलेगी।

यादव सिंह व उसकी पत्नी की कंपनियों पर छापे में मिले दस्तावेज के आधार पर आयकर विभाग कार्रवाई कर रहा है। मिली जानकारी के अनुसार, यादव सिंह के यहां मिले कागजात में 25 लोगों का जिक्र मिला है। आशंका जतायी जा रही है कि इन लोगों को रिश्वत दी गयी है अथवा इन्हें किन्हीं अन्य तरीके से फायदा पहुंचाया गया है।
नोएडा प्राधिकरण से भी पूछा
इस बीच, आयकर विभाग ने नोएडा विकास प्राधिकरण से पूछा है कि यादव सिंह की पत्नी की कंपनियों को कितने भूखंड आवंटित किये गये थे। इन भूखंडों का आकार और उनकी कीमतों के बारे में जानकारी तलब की गयी है। भूखंडों के आवंटन में नोएडा विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और रसूखदारों को कमीशन दिये जाने की भी चर्चा है।
डायरी से खुलेंगे राज
इसके अलावा छापे के दौरान मिली यादव सिंह की कथित डायरी में मिले कोड वर्डस को सुलझाने के प्रयास किए जा रहे हैं। इसके बाद महकमे को कुछ और जानकारी मिल सकती है जिनके आधार पर इस प्रकरण में भविष्य की कार्रवाई की जा सकेगी। इस मामले में आयकर विभाग अब यादव सिंह की पत्नी की 40 कंपनियों को नोएडा प्राधिकरण से आवंटित भूखंडों की जानकारियां हासिल करने में जुटा है।
बैक लाकर में छिपा माल
जांच टीमों ने यादव सिंह के करीब आधा दर्जन बैंक लाकरों को खोल दिया है। लाकरों के बारे में विस्तृत विवरण तो नहीं मिल सका है लेकिन सूत्र बताते हैं कि कुछ लाकरों में रुपये भरे मिले हैं। हालांकि आयकर विभाग के लोग अभी इस बाबत ज्यादा मुंह खोलने से कतरा रहे हैं।












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