संघ प्रमुख मोहन भागवत का बयान, कश्मीर में आर्टिकल 370 हटने से खुला है विकास का रास्ता

नई दिल्ली, अक्टूबर 16। संघ प्रमुख मोहन भागवत ने शनिवार को नागपुर में आयोजित एक कार्यक्रम में कश्मीर की स्थिति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि वो हाल ही में जम्मू कश्मीर के दौरे पर गए थे, जहां उन्होंने प्रदेश की वर्तमान स्थिति को देखा। मोहन भागवत ने कहा कि आर्टिकल 370 के हटने से सभी प्रदेशवासियों के लिए विकास के रास्ते खुल गए हैं, प्रदेश में विकास के कार्य तेजी से हो रहे हैं। संघ प्रमुख ने कहा कि अभी तक घाटी में आर्टिकल 370 के बहाने जम्मू और लद्दाख के लोगों के साथ भेदभाव होता था, जो अब खत्म हो गया है।

mohan bhagwat

घाटी में कम हुईं घुसपैठ की घटनाएं- भागवत

आपको बता दें कि मोहन भागवत ने एक दिन पहले विजयदशमी के अपने संबोधन में भी आर्टिकल 370 को लेकर कहा था कि घाटी से इस धारा को हटाने के अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं। संघ प्रमुख ने कहा था कि सरकार के इस फैसले से अब घाटी में घुसपैठियों को रोका जा रहा है और उनकी पहचान भी की जा रही है। मोहन भागवत ने चीन और पाकिस्तान पर भी निशाना साधा था।

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      भागवत के बयान पर ओवैसी ने साधा था निशाना

      आपको बता दें कि शुक्रवार को विजयदशमी के मौके पर दिया गया मोहन भागवत का संबोधन सुर्खियों में रहा। उनके संबोधन पर असदुद्दीन ओवैसी ने वार करते हुए कहा था कि समाज को गांधी की देशभक्ति या आरएसएस के धोखे में से किसी एक को चुनना होगा। ओवैसी ने एक ट्वीट में कहा था कि हमेशा की तरह संघ प्रमुख का भाषण झूठ और अर्धसत्य से भरा था। उन्होंने जनसंख्या नीति की बात करते हुए इस झूठ को दोहराया कि मुस्लिम और ईसाई आबादी में वृद्धि हुई है। जबकि मुस्लिम जनसंख्या वृद्धि दर में सबसे तेज गिरावट आई है। कोई जनसांख्यिकीय असंतुलन नहीं है।

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