एयर चीफ मार्शल धनोआ की सेना प्रमुख बिपिन रावत से जुगलबंदी के पीछे की ये है असल कहानी

Posted By: Amit J
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नई दिल्ली। भारतीय वायु सेना के प्रमुख बीएस धनोआ के बयान के बाद अब स्पष्ट हो गया है कि भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ अपना कड़ा रुख अख्तियार कर लिया है। सेना की तरफ से एक बार फिर सर्जिकल स्ट्राइक का जिक्र हुआ है, जिसमें एयर चीफ धनोओ ने तो इस बार पाकिस्तान के न्यूक्लियर ठिकानों को ध्वस्त करने की बात तक कही डाली है। इससे पहले जनरल रावत ने सोमवार को कहा था कि जरूरत पड़ने पर सर्जिकल स्ट्राइक जैसी घटना को दोबारा अंजाम दिया जाएगा। वहीं, नार्दन कमांड के प्रमुख ले. जनरल देवराज अनबू ने भी कह चुके हैं कि अगर जरूरत पड़ी तो फिर से सर्जिकल स्ट्राइक से कोई परहेज नहीं किया जाएगा। जब से इंडियन आर्मी ने पाक की सीमा में घुसकर सर्जिकल स्ट्राइक की है, तभी से सेना और ज्यादा सख्त हो गई। हम आपको बताते हैं कि आखिर क्या कारण है, जिस वजह से इंडियन आर्मी ने पाक के खिलाफ उत्तेजित रुख अपनाया हुआ है।

खतरा मोल लेने की ताकत रखता है भारत

खतरा मोल लेने की ताकत रखता है भारत

राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल ने एक प्रोग्राम में बोलते वक्त कहा था कि युद्ध हो या ना हो लेकिन आप में हर प्रकार के खतरे मोल लेने की ताकत होनी चाहिए। डोभाल ने अपने भाषण में कहा था कि आज के टाइम में स्ट्रैटजिक वॉर की जरूरत है। यहां लड़ता कोई नहीं लेकिन आपको दिखाना तो पड़ेगा कि हममें ताकत है और हम तैयार भी है। यही वजह है कि भारत भले ही पाकिस्तान के साथ युद्ध ना लड़े लेकिन रणनीतिक ढंग से दबाव जरूर बना रहा है।

भारत बढ़ा रहा है ब्लैकमेलिंग पावर

भारत बढ़ा रहा है ब्लैकमेलिंग पावर

अजित डोभाल के अनुसार, न्यूक्लियर वॉर और एटॉमिक वॉर कुछ नहीं है, लेकिन इनकी ब्लैकमेलिंग पावर बहुत ज्यादा होती है। उन्होंने यह भी कहा था कि पाकिस्तान को लगता है कि हम तो फिदायीन है और न्यूक्लियर वॉर छिड़ता भी है तो इसका कोई फर्क नहीं पडऩे वाला। उनके अनुसार, भारत ने मन बना लिया है कि 'ब्लैकमेलिंग पावर' में कितनी ताकत होती है। इन बातों से लगता है कि भारत अब पाकिस्तान के न्यूक्लियर ठिकानों की भी बात करने लगा है।

भारत की नजर पाक के न्यूक्लियर ठिकानों पर

भारत की नजर पाक के न्यूक्लियर ठिकानों पर

हाल ही में पाकिस्तान के एक कॉलमनिस्ट मुनीर अकरम ने एक आर्टिकल में कहा है कि भारत और अमेरिका दोनों मिलकर पाक के न्यूक्लियर ठिकानों पर नजर बनाए हुए हैं। अकरम ने कहा कि अमेरिका और भारत पिछले कई समय से पाकिस्तान के न्यूक्लियर हथियारों को जब्त करने और उन्हें नष्ट करने के लिए योजनाबद्ध ढंग से काम कर रहे हैं। उनके अनुसार, इंडिया के परमाणु हथियार, मिसाइल और बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को बढ़ाने और इसके अलावा एयर, नवल के साथ-साथ भारत की अंतरिक्ष क्षमताओं में वृद्धि करने के लिए सक्रिय रूप से अमेरिका सहायता कर रहा है।

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English summary
In depth analysis, Air Force can take out Pak's nuclear weapons, says air Chief Marshal BS Dhanoa

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