कार हादसे में जख्मी प्रियंका ने मांगा था सिर्फ 1 लाख रुपये मुआवजा, मिले 1.35 करोड़
नई दिल्ली- सात साल पहले मुंबई में एक कार हादसे में बुरी तरह जख्मी हुईं प्रियंका राय को 1.35 करोड़ रुपये बतौर मुआवजा देना का आदेश हुआ है। जबकि, उन्होंने मोटर ऐक्सिडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल में सिर्फ 1 लाख रुपये दिलाने का दावा ठोका था। अब पूरी तरह पैरालाइज्ड हो चुकी प्रियंका के परिवार को वालों को मुआवजे की इस रकम से जरूर बड़ी राहत मिलेगी, लेकिन खुद प्रियंका अब शायद ही कभी अपने पैरों पर चल पाएं। आइए जानते हैं कि कैसा हुआ था प्रियंका के साथ इतना बड़ा हादसा और ट्रिब्यूनल ने मुआवजे की रकम दिलाने में किन-किन बातों का ख्याल रखा और मुआवजे की इतनी बड़ी रकम देगा कौन?

1 लाख रु. का मुआवजा मांगा, मिले 1.35 करोड़
2012 में एक सड़क हादसे की वजह से पूरी तरह पैरालाइज्ड हो चुकीं 30 साल की प्रियंका राय ने ट्रिब्यूनल में उसकी इस स्थिति के लिए जिम्मेदार शख्स पर जितना दावा ठोका था, उससे एक सौ पैंतीस गुना ज्यादा मुआवजा देने का आदेश दिया गया है। मिरर में छपी एक खबर के मुताबिक यह आदेश मुंबई के मोटर ऐक्सिडेंट क्लेम्स ट्रिब्यूनल ने दिया है। ट्रिब्यूनल के फैसले के मुताबिक जिस कार की टक्कर की वजह से प्रियंका अब पूरी तरह दिव्यांग हो चुकी है, उसके मालिक उदय शाह को उसे मुआवजे की 1.35 करोड़ रुपये की रकम चुकानी पड़ेगी। दरअसल, जिस कार में प्रियंका बैठी थीं, उसे उसी का एक दोस्त शराब की नशे में चला रहा था, जिसने तेज रफ्तार गाड़ी को एक पेड़ और ऑटो से जोरदार टक्कर मार दी थी। इस दुर्घटना में प्रियंका और ड्राइवर तो बच गया, लेकिन कार में बैठी उसकी दो और दोस्तों की मौत हो गई थी।

उस रात को क्या हुआ था?
अब हमेशा बेड पर पड़े रहने को मजबूर हो चुकीं प्रियंका के साथ जब ये हादसा हुआ था, तब वो महज 23 साल की थी। 31 मार्च, 2012 को ये हादसा मुंबई के जुहू तारा रोड पर हुआ था, जिसमें उसकी मित्र शिवानी रावत (18 साल), निमिषा माने (22 साल) की मौत हो गई और उसे सिर में गंभीर चोट लगी जिससे वह लकवाग्रस्त हो गईं। हादसे के वक्त हुंडई गेट्ज प्रियंका का ही एक और दोस्त राहुल मिश्रा चला रहा था जो नशे में था, लेकिन उसे गंभीर चोटें नहीं लगी थीं। हादसे के दौरान कार में 18 से 23 वर्ष के कुल 5 दोस्त बैठे हुए थे, जो देर रात कुछ खाने की तलाश में मस्ती से कार में घूम रहे थे। तभी 23 वर्षीय मिश्रा ने कार पर से कंट्रोल खो दिया और तेज रफ्तार कार से पहले एक पेड़ को टक्कर मारी, फिर रोड डिवाइडर पर उछलकर गिरा और वहां से पार्किग में खड़ी एक ऑटो में टकरा गई।

कार मालिक की क्या थी दलील?
हादसे के बाद प्रियंका के पिता मार्कण्डेय राय ने उसकी ओर से एक लाख रुपये मुआवजे का दावा किया था। दावे के मुताबिक हादसे के बाद उसे कूपर अस्पताल ले जाएगा और बाद में इलाज के लिए क्रिटी केयर अस्पताल भर्ती कराया गया। उसकी मेडिकल रिपोर्ट से साफ था कि उसके सिर में कई गंभीर चोटें लगी थीं, उसकी जांघ की हड्डी टूट गई थी और भी कई जगह चोटें आईं थीं। लेकिन, हुंडई गेट्ज के मालिक उदय शाह की दलील थी कि वह हादसे के लिए जिम्मेदार नहीं है, क्योंकि उसने 2012 में ही किसी परमजीत बोहट को गाड़ी बेच दी थी। उसका दावा था कि बोहट ने भरोसा दिया था कि वह कार का पेपर अपने नाम करा लेगा। लेकिन, ट्रिब्यूनल ने पाया कि शाह के दावों के समर्थन में कोई रिकॉर्ड नहीं है, इसिलए मुआवजा उसे ही चुकाना पड़ेगा।

मुआवजे की रकम इतनी कैसे पहुंच गई?
ट्रिब्यूनल ने प्रियंका को जो 1.35 करोड़ रुपये मुआवजा देने का आदेश दिया है, वह इतनी इसलिए पहुंच गई क्योंकि इसमें कई बातों का ख्याल रखा गया है। ट्रिब्यूनल ने बताया कि उसे आवेदन के वक्त से अबतक 8 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ 86.39 लाख रुपये देने होंगे। वह हादसे के वक्त नौकरी भी करती थी और उसकी सैलरी 25 हजार रुपये महीने थी। इस हिसाब से सुप्रीम कोर्ट के एक पिछले आदेश के तहत उसे 54 लाख रुपये दिए जाएंगे। इसके अलावा इलाज में जो पैसे खर्च हुए उसके लिए अलग से 14 लाख 27 हजार रुपये दिए जाएंगे। उसे आगे भी इलाज के लिए 7 हजार रुपये महीने की जरूरत पड़ेगी, इसके लिए 15.12 लाख रुपये दिए जाएंगे। ये भी कहा गया है कि इलाज के दौरान प्रियंका को काफी मानसिक और शारीरिक दिक्कतें झेलनी पड़ीं। इसके एवज में 3 लाख रुपये अतिरिक्त दिए जाएंगे। इस हिसाब से प्रियंका को दी जाने वाली मुआवजे की राशि कुल 1 करोड़ 35 लाख रुपये की हो गई। ट्रिब्यून के निर्देश के मुताबिक प्रियंका राय के नाम से पांच साल की एक एफडी बनाकर उसमें 50 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाएंगे। इसके अलावा बाकी बचे पैसे चेक के जरिए उसके परिवार को जल्द से जल्द दिए जाने हैं।
(तस्वीरें सौजन्य- मिरर)












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