कैश के संकट पर आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव ने कहा- एक महीने में 70,000-75,000 करोड़ नोटों की आपूर्ति
नई दिल्ली। देश के कई राज्यों में नकदी के संकट पर सरकार अब हरकत में आई है। गुजरात, मध्य प्रदेश ,छत्तीसगढ़,उत्तर प्रदेश,बिहार,झारखंड समेत कई राज्यों में एटीएम में नकदी संकट पर आज दिन में कई फैसले लिए गए। इसी कड़ी में आर्थिक मामलों के विभाग के सचिव एससी गर्ग ने कहा कि अगले कुछ दिनों में, हम 500 रुपये की प्रति दिन लगभग 2500 करोड़ रुपये की आपूर्ति करेंगे। एक महीने में, आपूर्ति लगभग 70,000-75,000 करोड़ होगी। गर्ग ने कहा कि हम 500 करोड़ रुपये प्रति दिन 500 नोट्स प्रिंट करते हैं। हमने 5 गुणा ज्यादा इस उत्पादन को बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।

इससे पहले आर्थिक मामलों के विभाग ने कहा था कि जल्द से जल्द सभी एटीएम सामान्य हो जाएंगे। कहा गया था कि सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए सभी कदम उठा रही है कि एटीएम में नकद की आपूर्ति की जा रही हो। विभाग ने कहा था कि 'यह भी आश्वासन देना चाहेंगे कि ये आने वाले दिनों / महीनों में अधिक मांग को पूरा करने के लिए पर्याप्त नोटों की आपूर्ति करेंगे।' आर्थिक मामलों के विभाग ने कहा था कि भारत सरकार यह आश्वस्त करना चाहती है कि नोटों की पर्याप्त आपूर्ति हुई है।
इससे पहले स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के चेयरमैन रजनीश कुमार ने देश के कुछ राज्यों में नकदी संकट पर टिप्पणी की हैे। उन्होंने कहा कि यह एक अस्थायी स्थिति है जो मुख्यतः भौगोलिक कारकों के कारण है। इसके लिए एक समाधान है कि उचित नकदी प्रबंधन प्रणाली को बनाए रखा जाए। रजनीश ने कहा कि संकट वाले राज्यों में दूसरे राज्यों में सप्लाई हो रही है। उन्होंने कहा कि कुछ क्षेत्र में मांग बढ़ने से संकट है। हमारे पास कैश पर्याप्त मात्रा में है।
मौजूदा संकट नोटबंदी की वजह से है या नहीं के सवाल पर रजनीश ने कहा कि इसका नोटबंदी से कोई कनेक्शन नहीं है। बता दें कि इस संकट में यह खबरें भी हैं 2,000 रुपए के करेंसी की ब्लैकमार्केटिंग भी होने की खबरें हैं। इससे जुड़े सवाल पर रजनीश ने कहा कि उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है।












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