प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मन की बात के मुख्य अंश

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऑल इंडिया रेडियो पर अपने मन की बात कही। इस मौके पर उन्होंने देश से अंगदान करने की अपील की ताकि तमाम बीमारियों से जूझ रहे लोगों का भविष्य अच्छा बन सके।

Important points of Narendra Modi's Mann Ki baat

प्रस्तुत हैं पीएम के मन की बात के प्रमुख अंश इस प्रकार हैं-

जलवायु परिवर्तन का प्रभाव कितनी तेजी से बढ़ रहा है, अब हम लोग अनुभव कर रहे हैं। पिछले दिनों अति वर्षा और बेमौसमी वर्षा व लम्बे अरसे तक वर्षा से तमिलनाडु में नुकसान हुआ व अन्य राज्यों पर भी इसका असर हुआ। राज्य सरकारें राहत और बचाव कार्यों में पूरी शक्ति से जुट जाती हैं, केंद्र सरकार भी हमेशा कंधे से कन्धा मिलाकर काम करती है। मुझे विश्वास है कि तमिलनाडु की शक्ति पर इस संकट के बावज़ूद भी वो फ़िर एक बार बहुत तेज़ गति से आगे बढ़ने लग जाएगा।

जब ये चारों तरफ़ संकटों की बातें देखते हैं तो हमें इसमें काफी बदलाव लाने की आवश्यकता हो गयी है। हर स्तर पर हमें अपनी कैपेसिटी बिल्डिंग के लिए काम करना बहुत अनिवार्य हो गया है। हम सार्क देशों को मिलकर डिजास्टर प्रेपेयर्डनेस के लिए एक जॉइंट एक्सरसाइज करना चाहिये।

आगामी 3 दिसम्बर को ‘इंटरनेशनल डे ऑफ़ पर्सन्स विद डिसेबिलिटीज़' को पूरा विश्व इसे मनायेगा।‘ऑर्गन डोनेशन' मूल्यवान जिंदगियों को बचा सकता है, ‘अंगदान' एक प्रकार से अमरता ले करके आ जाता है। शारीरिक और मानसिक रूप से विकलांग भी एक अप्रतिम साहस और सामर्थ्य के धनी होते हैं। ट्रांसप्लांट के लिए इंतज़ार कर रहे मरीज़ों, ऑर्गन डोनर्स, ऑर्गन ट्रांसप्लांटेशन की एक नेशनल रजिस्ट्री 27 नवम्बर को लॉन्च की गयी। अगर हम हमारी दृष्टि बदलें, उनकी ओर देखने का नज़रिया बदलें तो ये लोग हमें जीने की प्रेरणा दे सकते हैं।

1996 में कश्मीर में जावेद अहमद को आतंकवादियों ने गोली मार दी थी वे आतंकियों के शिकार हो गए लेकिन बच गए। उनका अपने पैरों पर खड़े होने का सामर्थ्य हमेशा-हमेशा के लिए चला गया, लेकिन जावेद अहमद ने हार नहीं मानी। उन्होंने जीवन को समाजसेवा में अर्पित कर दिया, सरकारी दफ्तरों में विकलांग के लिए व्यवस्थाएँ कैसे विकसित की जाएँ उस पर वो काम कर रहे हैं।

हिंदुस्तान के हर कोने में ऐसे प्रेरणा के दीप जल रहे हैं, जीने की नई रोशनी दे रहे हैं, रास्ता दिखा रहे हैं। सरकार में बैठे हुए लाखों लोग सेवा-भाव से, समर्पण-भाव से, ऐसे उत्तम काम करते हैं जो कभी हमारी नज़र में नहीं आते। बिलगेट्स फाउंडेशन के विश्व प्रसिद्ध परिवार इंटरप्रेन्योर के रूप में दुनिया में उनकी सफलता एक मिसाल बन चुकी है। उन्होंने जीवन भर जो कुछ भी कमाया है गरीबों के लिए काम करने में खपा रहे हैं। आशा-वर्कर का पूरे देश में नेटवर्क है, बिलगेट्स आशा वर्कर के समर्पण और मेहनत की खूब तारीफ करते है।

मैंने ख़ास युवा पीढ़ी के लिए जो कि इंटरनेट पर, सोशल मीडिया पर एक्टिव हैं, माई गोव (mygov) पर 3 ई-बुक रखी हैं। मैं आपसे आग्रह करता हूँ आप इसको देखिये।

पूरा विश्व जलवायु परिवर्तन से चिंतित है, क्लाइमेट चेंज, ग्लोबल वार्मिंग, डगर-डगर पर उसकी चर्चा भी है, चिंता भी है। पृथ्वी का तापमान अब बढ़ना नहीं चाहिए, ये हर किसी की ज़िम्मेदारी है। तापमान से बचने का एक सबसे पहला रास्ता है, ऊर्जा की बचत "एनर्जी कन्जर्वेशन", 14 दिसम्बर "नेशनल एनर्जी कन्जर्वेशन दिवस" है। सरकार की तरफ़ से कई योजनायें चल रही हैं, एल.ई.डी. बल्ब की योजना चल रही है।

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