आधी रात को लॉन्च हुआ जीएसटी, जानिए इससे जुड़ी 5 खास बातें
नई दिल्ली। आज देश एक और इतिहास रच चुका है। देश में आजादी के बाद से अब तक चली आ रही कर प्रणाली में एक बड़ा बदलाव करते हुए वस्तु एवं सेवा कर (GST) लागू किया जा रहा है।
आज शुक्रवार (30 जून और 1 जुलाई ) की मध्यरात्रि में राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी घंटा बजाकर GST लागू कर दिया। आइए आपको जीएसटी के बारे में 5 ऐसी खास बातें बताते हैं जो आपको पता नहीं होंंगी।

दुल्हन की तरह सजी संसद
संसदीय कार्य मंत्रालय के एक अधिकारी ने वन इंडिया को बताया है कि इस ग्रैंड लॉन्चिंग के लिए पूरी तरह से सफाई कराई गई। इसके साथ ही साउंड सिस्टम भी बदले गए। इस इवेंट के लिए नए माइक्रोफोन और हेडसेट लगाए गए।

जदयू लॉन्च में रहा शामिल
बिहार में सत्ताधारी दल जनता दल यूनाइटेड (जदयू) ने कहा कि वो GST लॉन्च में शामिल होंगे। बिहार में जदयू , राष्ट्रीय जनता दल और कांग्रेस (राजद) महागठबंधन के सरकार की प्रतिनिधि के तौर पर मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव इस लॉन्च में शामिल हुए। एक हफ्ते के भीतर ऐसा दो बार हुआ है जब जदयू ने महागठबंधन से अलग जा कर फैसले लिए। इससे पहले जदयू, राष्ट्रपति चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद का समर्थन किया।

80 मिनट का कार्यक्रम
80 मिनट के इस कार्यक्रम में देशभर से मशहूर हस्तियां शामिल हुईं। इस कार्यक्रम में शामिल होने वाले मेहमानों में फिल्मी सितारों से लेकर बड़े बिजनेसमैन तक शामिल थे। इसमें उद्योगपति रतन टाटा, कानूनविद् सोली सोराबजी, केके वेणुगोपाल और हरिश साल्वे, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर उर्जित पटेल, पूर्व गवर्नर सी रंगराजन, बिमल जालान, वाईवी रेड्डी और डी सुब्बाराव, जीएसटी परिषद के सदस्यों के अलावा सीआईआई, फिक्की, एसोचैम आदि के सीनियर अधिकारियों के शामिल होने की बात कही जा रही है। जीएसटी लॉन्च के समय मंच पर राष्ट्रपति एवं प्रधानमंत्री के अलावा उप-राष्ट्रपति हामिद अंसारी, लोक सभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन और पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मौजूद थे।

रात में गुलजार हुई संसद
GST के लिए संसद रात में भी गुलजार हुई। इससे पहले चार बार ऐसा हो चुका है। पहली बार संसद के विशेष सत्र को 14 अगस्त 1947 को बुलाया गया था, जिसमें देश की आजादी की घोषणा की जानी थी। इसके बाद दूसरी बार 14 अगस्त 1972 को आजादी के 25 वर्ष पूरे होने के मौके पर संसद का मध्य रात्रि सत्र बुलाया गया था। तीसरी बार 14 अगस्त 1997 को आजादी के 50 वर्ष पूरे होने के मौके पर संसद का मध्य रात्रि सत्र बुलाया गया था, इस दौरान देश के राष्ट्रपति केआर नारायणन थे और प्रधानमंत्री इंद्र कुमार गुजराल थे।

800 लोग होंगे शामिल
इस कार्यक्रम में करीब 800 लोग शामिल हुए। अधिकारी ने जानकारी दी कि पूरी संसद को एलईडी लाइट्स से सजाया गया और सरकार इसे एक त्योहार की तरह मना रही है।












Click it and Unblock the Notifications