IMD की वेदर फोरकास्ट लिस्ट में गिलगित-बाल्टिस्तान का नाम, POK को लेकर भारत का बड़ा इशारा
जम्मू। इंडिया और पाकिस्तान के बीच गिलगित-बाल्टिस्तान को लेकर लंबे वक्त से विवाद चल रहा है कि इसी बीच भारत मौसम विज्ञान विभाग ने जम्मू एंड कश्मीर के मौसम का पू्र्वानुमान पेश किया है, जिसमें एक चौंकाने वाली बात सामने आई है, मौसम विभाग ने अब गिलगित-बाल्टिस्तान को जम्मू-कश्मीर सब-डिवीजन का हिस्सा बताते हुए उत्तर-पश्चिम भारत की मौसम भविष्यवाणी में इस क्षेत्र को भी जोड़ लिया है, विभाग ने इस क्षेत्र में 7 मई से लेकर 10 मई तक मौसम कैसा रहेगा इसके बारे में जानकारी दी है।
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भारत का PoK को लेकर बड़ा इशारा
भारतीय मौसम विभाग का यह कदम न केवल एक अलग केंद्र शासित प्रदेश के रूप में लद्दाख की बदली हुई स्थिति को दर्शाता है बल्कि एक महत्वपूर्ण संदेश भी देता है, आपको बता दें कि मुजफ्फराबाद, पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (पीओके) का हिस्सा है, जबकि गिलगित-बाल्टिस्तान के इलाके पर पाकिस्तान का गैर-कानूनी कब्जा है।

IMD के वेदर फोरकास्ट लिस्ट में जुड़ा गिलगित-बाल्टिस्तान का नाम
गिलगित-बाल्टिस्तान एक स्वायत्तशासी क्षेत्र है जिसे पहले उत्तरी क्षेत्र या शुमाली इलाके के नाम से जाना जाता था। यह पाकिस्तान की उत्तरतम राजनैतिक इकाई है। दरअसल साल 1947 में देश के विभाजन के दौरान गिलगित-बाल्टिस्तान यह क्षेत्र न तो भारत का हिस्सा था और न ही पाकिस्तान का, बल्कि 1935 में ब्रिटेन ने इस हिस्से को गिलगित एजेंसी को 60 साल के लिए लीज पर दिया था, लेकिन अंग्रेजों ने इस लीज को एक अगस्त 1947 को रद्द करके क्षेत्र को जम्मू एवं कश्मीर के महाराजा हरि सिंह को लौटा दिया था।

पाकिस्तान का अवैध कब्जा
लेकिन पाकिस्तानी आक्रमण के बाद राजा हरि सिंह ने 31 अक्तूबर 1947 को पूरे जम्मू और कश्मीर का विलय भारत में कर दिया हालांकि पाकिस्तान ने इस फैसले का विरोध किया लेकिन, संयुक्त राष्ट्र के हस्तक्षेप के बाद उसने भी 1949 में इस फैसले पर हस्ताक्षर कर दिए।
कमांडर कर्नल मिर्जा हसन खान ने किया विद्रोह
लेकिन गिलगित-बाल्टिस्तान के कमांडर कर्नल मिर्जा हसन खान ने जम्मू-कश्मीर के भारत में विलय के कारण 2 नवंबर 1947 को विद्रोह कर दिया, उसने जम्मू-कश्मीर से गिलगित-बाल्टिस्तान की आजादी का ऐलान भी कर दिया। हालांकि पाकिस्तानी आक्रमण के कारण यह इलाका उसके कब्जे में आ गया और अभी तक यहां पर उसका ही कब्जा है।

भारत ने दी पाकिस्तान को वार्निंग
आईएमएडी के इस कदम से ये साफ हो गया है कि भारत का रूख गिलगित-बाल्टिस्तान के प्रति क्या है, दरअसल 30 अप्रैल को प्रधान न्यायाधीश की अध्यक्षता वाली सुप्रीम कोर्ट की सात-सदस्यीय पीठ ने गिलगिट-बाल्टिस्तान में आम चुनाव कराने के लिए इमरान सरकार की याचिका को स्वीकार करने की अनुमति दी है, पाक सुप्रीम कोर्ट के इस आदेश पर भारतीय ने कहा था कि पाकिस्तान को यह साफ शब्दों में बता दिया गया है कि पूरा जम्मू -कश्मीर, लद्दाख और गिलगिल-बाल्टिस्तान का इलाका भारत का अभिन्न अंग है, पाकिस्तान को फौरन गैरकानूनी तरीके से कब्जाए इस इलाके को खाली कर देना चाहिए।












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