आईआईटी मद्रास ने बनाई देश की पहली स्टैंडिंग व्हीलचेयर, अब चल सकेंगे दिव्यांग
चेन्नई। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी-मद्रास) ने देश की पहली स्टैंडिंग व्हीलचेयर बनाई है। इंस्टीट्यूट ने इसे फीनिक्स मेडिकल सिस्टम्स के साथ मिलकर बनाया है। इस व्हीलचेयर को स्वदेशी तौर पर डिजाइन किया गया है। इसकी मदद से अब दिव्यांग या अन्य असहाय लोग ना सिर्फ खड़े हो सकेंगे, बल्कि वह चलफिर भी पाएंगे।

इस खास व्हीलचेयर को आईआईटी मद्रास के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग में प्रोफेसर सुजाता श्रीनिवासन के नेतृत्व में टीटीके सेंटर फॉर रिहैबिलिटेशन रिसर्च एंड डिवाइस डेवलपमेंट ने डिजाइन और विकसित किया है। वहीं इस व्हीलचेयर तकनीक का व्यावसायीकरण वेलकम ट्रस्ट और यूके के समर्थन से किया गया है। इस व्हीलचेयर को लगभग 15 हजार रुपये की सस्ती कीमत पर जरूरतमंदों को उपलब्ध कराया जाएगा।
व्हीलचेयर को केंद्रीय सामाजिक न्याय व अधिकारिता मंत्री थावरचंद गहलोत की मौजूदगी में लॉन्च किया गया है। केंद्रीय मंत्री गहलोत ने इस पहल के लिए आईआईटी-मद्रास की सराहना की है। इस दौरान उन्होंने दिव्यांगों के लिए नरेंद्र मोदी सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के बारे में भी कहा। जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग खेलों के लिए पांच राष्ट्रीय स्तर के परिष्कृत खेल केंद्र स्थापित करना भी शामिल है।












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