फीस बढ़ोतरी का विरोध कर रहे JNU छात्रों को मिला IIT-B का साथ
नई दिल्ली। जवाहर लाल नेहरू विश्वविद्यालय में फीस की बढ़ोतरी के खिलाफ तमाम छात्र पिछले कई दिनों से प्रदर्शन कर रहे हैं। अब इन छात्रों के समर्थन में आईआईटी बॉम्बे के छात्र भी आ गए हैं। बता दें कि हाल ही में आईआईटी मद्रास की छात्रा फातिमा लतीफ ने आत्महत्या कर ली थी, जिसके खिलाफ आईआईडी बॉम्बे के छात्रों ने प्रदर्शन किया था। जिसके बाद आईआईटी बॉम्बे के छात्र जेएनएयू के छात्रों के विरोध का भी समर्थन कर रहे हैं।

आईआईटी के तमाम छात्रों ने इकट्ठा होकर फीस वृद्धि का विरोध किया और कहा कि पीछे के दरवाजे से संस्थानों को प्राइवेट करने की कोशिश को हम सफल नहीं होने देंगे। छात्रों ने कहा कि बीटेक और एमटेक की फीस बढ़ाने और एमटेक के छात्रों को दी जाने वाली 12500 रुपए के स्टाइपेन को खत्म करने का फैसला छात्रों के विरोध में है। ऐसा करने से मेधावी गरीब छात्र उच्च शिक्षा लेने से वंचित रह जाएंगे। पीएचडी के छात्रों को कई तरह की स्कॉलरशिप दी जाती है, उन्हें यह केंद्र और राज्य सरकार की ओर से दी जाती है। लेकिन ये स्कॉलरशिप देर से दी जाती है। छात्रों ने स्कॉलरशिप को बढ़ाए जाने को लेकर काफी बड़ी विरोध प्रदर्शन किया लेकिन बावजूद इसके इसकी बढ़ोतरी अपेक्षा के अनुसार नहीं हुई। ऐसे में गरीब मेधावी छात्रों की पढ़ाई पर इसका दुष्प्रभाव पड़ेगा।
छात्रों ने कहा कि सरकार शैक्षणिक संस्थानों को बर्बाद करने पर अमादा है। तमाम विश्वविद्यालयों में फीस की बढ़ोतरी करने और सीटों की संख्या कम कम करने के बाद अब सरकार बेशर्मी के साथ शैक्षणिक संस्थानों का निजीकरण करने में जुटी है। इन प्राइवेट संस्थानों में गरीब मेधावी शिक्षा हासिल नहीं कर पाएंगे। छात्रों ने मांग की है कि आईआईटी गुवाहाटी के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉक्टर बृजेश कुमार राय को इंसाफ दिया जाए, जिन्हें हाल ही में सस्पेंड कर दिया गया था। राय ने लगातार संस्थानों के भीतर भ्रष्टाचार को उजागर करते रहे हैं, जिसके बाद उन्हें हाल ही में सस्पेंड कर दिया गया था।












Click it and Unblock the Notifications