चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रोके जाने पर क्या बोले IDSA के पूर्व डायरेक्टर जी बालाचंद्रन
नई दिल्ली। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के दूसरे मून मिशन चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग तकनीकी कारणों से फिलहाल रोक दी गई है। चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग से ठीक 56.24 सेकंड पहले इसका काउंटडाउन रोक दिया गया। वहीं, चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रोके जाने पर इंस्टीट्यूट ऑफ डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के पूर्व डायरेक्टर जी. बालाचंद्रन का बयान आया है।

तकनीकी कारणों से चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रोके जाने पर जी बालाचंद्रन ने कहा कि ये सामान्य है। अगर कोई गड़बड़ी है तो आप लॉन्चिंग नहीं कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इस मिशन की लागत 100 करोड़ रु है। ये एक साधारण या गंभीर बात भी हो सकती है, वे लोग (इसरो) इसका विश्लेषण करेंगे।
जल्द ही घोषित होगी लॉन्चिंग की अगली तारीख
इसके पहले, इसरो के प्रवक्ता बीआर गुरुप्रसाद ने जानकारी देते हुए कहा कि, जीएसएलवी-एमके3 लॉन्च व्हीकल (रॉकेट) में खामी आने की वजह से लॉन्चिंग रोक दी गई है। लॉन्चिंग की अगली तारीख जल्द ही घोषित की जाएगी। इसरो ने बयान जारी कर कहा, 'काउंटडाउन के 56वें मिनट के दौरान लॉन्च व्हीकल सिस्टम में एक तकनीकी दिक्कत का पता चला। ऐहतियातन हमने आज लॉन्च होने वाले चंद्रयान-2 मिशन को यहीं रोकने का फैसला किया है। लॉन्चिंग की नई तारीख की घोषणा जल्द ही की जाएगी।'
रॉकेट को 'बाहुबली' उपनाम दिया गया
बता दें कि लॉन्चिंग रॉकेट में 3.8 टन का चंद्रयान अंतरिक्ष यान है। रॉकेट को 'बाहुबली' उपनाम दिया गया है।जीएसएलवी मार्क-3 जो चंद्रयान-2 को उसके निर्धारित ऑर्बिट तक लेकर जा रहा है, भारत का अबतक का सबसे शक्तिशाली स्पेस लॉन्चर है। सफल लॉन्चिंग के बाद चांद के दक्षिणी ध्रुव पर चंद्रयान-2 के लैंड करने में करीब 2 महीने का वक्त लगेगा। लॉन्च के सफल होने के बाद करीब 55 दिन में चंद्रयान-2 के 6 सितंबर को चांद की सतह पर उतरने की संभावना है।












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