भारत में अभी तक monkeypox का कोई केस नहीं, ICMR बोला- हम इसके लिए तैयार हैं
नई दिल्ली, 29 मई। दुनिया भर में मंकीपॉक्स के मामले सामने आने के बीच भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (ICMR) के अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि भारत गैर-स्थानिक देशों में बढ़ते संक्रमण के मद्देनजर तैयार है, हालांकि, देश में अब तक कोई मामला सामने नहीं आया है। एएनआई के साथ एक इंटरव्यू में आईसीएमआर की वैज्ञानिक डॉ. अपर्णा मुखर्जी ने कहा, "भारत संक्रमण के लिए तैयार है, क्योंकि यह यूरोप, अमेरिका और अन्य देशों में तेजी से फैल रहा है। हालांकि, भारत में अभी तक कोई भी मामला दर्ज नहीं किया गया है।"

स्वास्थ्य विशेषज्ञ ने असामान्य लक्षणों पर भी कड़ी नजर रखने पर जोर दिया, खासकर उन लोगों के लिए जिनका मंकीपॉक्स से संक्रमित देशों का यात्रा इतिहास है। डॉ. मुखर्जी ने कहा, "हमें तेज बुखार, बहुत अधिक लिम्फैडेनोपैथी, बड़े लिम्फ नोड्स, शरीर में दर्द, चकत्ते आदि जैसे असामान्य लक्षणों का निरीक्षण करना चाहिए, विशेष रूप से जिनके पास संक्रमित देशों से यात्रा इतिहास है।" उन्होंने कहा, "जो लोग लक्षणों को देखते हैं, वे या तो उन घावों से निकलने वाले तरल पदार्थ से या श्वसन के नमूनों से टेस्टिंंग करवा सकते हैं और जैसे नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी में इन वायरस के परीक्षण की सेटिंग है।"
क्या है मंकीपॉक्स वायरस
WHO के मुताबिक, मंकीपॉक्स से 19 देश प्रभावित हो चुके हैं और 131 से ज्यादा लोग मंकीपॉक्स से पीड़ित हैं। देखने में शरीर पर बड़े-बड़े फोड़े और फफोले वाले इस मंकीपॉक्स के और भी कई लक्षण हैं, जिनसे आप शायद अंजान होंगे। मंकीपॉक्स अपने नाम के मुताबिक, बंदरों से फैलने वाला वायरस नहीं है। ब्लूमबर्ग इंटेलिजेंस सीनियर फर्मास्यूटिकल एनालिस्ट सैम फजेली के अनुसार, मंकीपॉक्स चिकनपॉक्स और स्मॉलपॉक्स की तरह ही एक ओर्थोंपॉक्सवायरस है, लेकिन मृत्यु दर के मामले में यह स्मॉलपॉक्स से कम प्रोब्लमेटिक है। मंकीपॉक्स पीड़ित व्यक्ति के शरीर से निकले संक्रमित फ्लूइड के संपर्क में आने से फैलता है। खासकर अगर व्यक्ति पीड़ित के अत्यधिक करीब आता है तब इसके फैलने की संभावना सबसे अधिक हो जाती है। मंकीपॉक्स से पीड़ित व्यक्ति के संपर्क में आई सतह को छूने पर भी व्यक्ति मंकीपॉक्स से पीड़ित हो सकता है।












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