भारी बारिश-बाढ़ से बेहाल पंजाब, AAP MP-MLA बाढ़ पीड़ितों के लिए दान करेंगे एक महीने की सैलरी, देखें बड़े अपडेट्स
Flood: पंजाब और जम्मू में मची तबाही ने न केवल आम जनजीवन को प्रभावित किया है, बल्कि छात्रों की तैयारी पर भी असर डाला है। इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) ने भारी बारिश और बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए सीए फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को कुछ केंद्रों पर टालने का बड़ा फैसला लिया है। इस अचानक आए बदलाव ने हजारों छात्रों को इंतजार की स्थिति में डाल दिया है, जो महीनों से परीक्षा की तैयारी कर रहे थे।
ICAI ने 3 और 4 सितंबर 2025 को होने वाली CA फाइनल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं को कुछ केंद्रों पर स्थगित कर दिया है। यह फैसला पंजाब और जम्मू में भारी बारिश और बाढ़ की वजह से लिया गया है। आईसीएआई ने साफ किया है कि यह बदलाव सिर्फ चुनिंदा केंद्रों के लिए है। बाकी जगह परीक्षाएं पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार होंगी।

प्रभावित केंद्र
- अमृतसर
- बठिंडा
- जालंधर
- लुधियाना
- मंडी गोबिंदगढ़
- पठानकोट
- पटियाला
- संगरूर
- जम्मू सिटी
नए शेड्यूल का इंतजार
संस्थान ने अभी नई तारीखों की घोषणा नहीं की है। छात्रों को सलाह दी गई है कि वे आईसीएआई की आधिकारिक वेबसाइट www.icai.org पर नजर बनाए रखें।
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AAP के सभी विधायक और सांसद बाढ़ पीड़ितों के लिए देंगे एक महीने की सैलरी
दिल्ली के मुख्यमंत्री और आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने घोषणा की है कि पार्टी के सभी विधायक और सांसद पंजाब में बाढ़ राहत के लिए अपनी एक महीने की सैलरी दान करेंगे। केजरीवाल ने कहा कि यह कदम बाढ़ से प्रभावित परिवारों की मदद के लिए उठाया गया है, ताकि जरूरतमंद लोगों को समय पर सहायता मिल सके। उन्होंने भरोसा जताया कि पार्टी के कार्यकर्ता भी राहत कार्यों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेंगे और प्रभावित इलाकों में जरूरी मदद पहुंचाएंगे।
7 सितंबर तक स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश और बाढ़ को देखते हुए पंजाब सरकार ने राज्य के सभी स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी और पॉलिटेक्निक संस्थानों को 7 सितंबर तक बंद रखने का फैसला किया है। इस दौरान छात्रों के लिए ऑफलाइन कक्षाएं नहीं होंगी। सरकार की ओर से जारी आदेश के अनुसार, हालात सामान्य होने के बाद ही शैक्षणिक गतिविधियां फिर से शुरू की जाएंगी।
पंजाब में हालात बेहद खराब
पंजाब इस समय 1988 के बाद की सबसे बड़ी बाढ़ का सामना कर रहा है। अब तक 30 लोगों की मौत हो चुकी है और 3.5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए हैं। करीब 1,400 गांव जलमग्न हैं, जिनमें गुरदासपुर सबसे ज्यादा प्रभावित है, जहां 324 गांव डूब गए हैं।
भाखड़ा डैम का जलस्तर खतरे के निशान से सिर्फ तीन फीट नीचे पहुंच गया है। डैम के गेट खोलकर करीब 50,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। हरिके पट्टन हैडवर्क्स से 3 लाख से ज्यादा क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद तरनतारन जिले को हाई फ्लड जोन घोषित किया गया है।
जम्मू में भी बाढ़ का कहर
जम्मू और कश्मीर में भी हालात गंभीर बने हुए हैं। 14 अगस्त से लगातार हो रही बारिश और बाढ़ ने कई जिलों में तबाही मचाई है। जम्मू शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है, जबकि किश्तवाड़, कठुआ, रियासी और रामबन जिलों में भारी नुकसान की खबरें हैं।
मौसम विभाग का अलर्ट
आईएमडी ने पंजाब के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। गुरदासपुर, पठानकोट, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, लुधियाना और संगरूर समेत कई जिलों में अगले 24 घंटे तक बारिश जारी रहने की संभावना है।
राहत और बचाव कार्य जारी
प्रशासन ने लोगों से सुरक्षित स्थानों पर रहने और मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने की अपील की है। राहत और बचाव कार्य तेजी से चल रहे हैं ताकि प्रभावित लोगों को मदद पहुंचाई जा सके।
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