IAS Officers: किसी को 2cr का इनाम, किसी ने ब्राह्मण पर दिया भड़काऊ बयान, सालभर चर्चा में रहे ये 10 IAS अफसर
IAS Officers 2025 Year Ender: साल 2025 भारतीय प्रशासनिक सेवा के लिए बेहद असामान्य रहा। यह वह साल था जब IAS अफसर सिर्फ फाइलों और नीतियों तक सीमित नहीं रहे, बल्कि वे देश की सबसे ज्यादा पढ़ी जाने वाली सुर्खियों का हिस्सा बन गए। किसी ने वैश्विक मंच पर भारत का नाम रोशन किया, तो किसी पर करोड़ों की रिश्वत और मर्यादाहीन बयानों ने प्रशासनिक सेवा की साख पर सवाल खड़े कर दिए।
खास बात यह रही कि इन 10 चर्चित अफसरों में 5 महिला अधिकारी भी शामिल रहीं, जिनकी उपलब्धियों और विवादों दोनों ने खूब ध्यान खींचा। यह साफ हो गया कि आज का IAS अधिकारी सिर्फ प्रशासक नहीं, बल्कि सार्वजनिक निगरानी, राजनीतिक दबाव और सोशल मीडिया ट्रायल के बीच खड़ा एक जटिल किरदार बन चुका है।

1. सुशासन की मिसाल बनीं IAS सुप्रिया साहू
तमिलनाडु कैडर की वरिष्ठ IAS अधिकारी सुप्रिया साहू 2025 में सकारात्मक खबरों की पहचान बनीं। संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम द्वारा उन्हें 'चैंपियंस ऑफ द अर्थ' पुरस्कार मिला। जलवायु परिवर्तन से निपटने और पर्यावरण संरक्षण में उनके काम को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया। 'ऑपरेशन ब्लू माउंटेन' के तहत सिंगल यूज प्लास्टिक पर रोक ने उन्हें एक अलग पहचान दिलाई।
2. IAS टीना डाबी फिर चर्चा में क्यों रहीं
राजस्थान कैडर की टीना डाबी पहले से ही देश की सबसे चर्चित IAS अधिकारियों में हैं। इस साल वे दो करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि को लेकर सुर्खियों में रहीं। समर्थकों ने इसे उनकी काबिलियत का इनाम बताया, जबकि आलोचकों ने इसे सिस्टम के भीतर असमानता का उदाहरण कहा।
3. IAS डॉ. आर. सेल्वाकुमार का ग्लोबल सफर
बिहार कैडर के IAS अधिकारी डॉ. आर. सेल्वाकुमार को एक प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय संस्था में अहम जिम्मेदारी मिली। शिक्षा और ग्रामीण स्वास्थ्य के क्षेत्र में उनके इनोवेटिव मॉडल्स की वजह से भारत की प्रशासनिक सोच को वैश्विक मंच पर पहचान मिली।
4. IAS के जरिए सिस्टम बदलने वाले IAS राजेश कुमार
उत्तर प्रदेश कैडर के राजेश कुमार 2025 में टेक्नोलॉजी और गवर्नेंस के चेहरे बने। सरकारी सेवाओं में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल कर उन्होंने शिकायत निवारण को तेज और पारदर्शी बनाया। AI आधारित प्लेटफॉर्म ने उन्हें सुधारक अफसरों की सूची में खड़ा किया।
5. IAS नवीन अग्रवाल और 'जीरो कैजुअल्टी' मॉडल
ओडिशा कैडर के नवीन अग्रवाल ने डिजास्टर मैनेजमेंट में अपनी तेज और प्रभावी कार्यशैली से पहचान बनाई। आपदाओं के दौरान उनकी 'जीरो कैजुअल्टी' रणनीति को 2025 में प्रशासनिक सफलता की मिसाल माना गया।
6. IAS नागार्जुन गौड़ा रहे विवादों में
मध्य प्रदेश कैडर के नागार्जुन गौड़ा का नाम सालभर विवादों में रहा। आरोप लगे कि उन्होंने ₹51 करोड़ के जुर्माने को घटाकर सिर्फ ₹4,032 कर दिया और इसके बदले ₹10 करोड़ की रिश्वत ली। RTI कार्यकर्ताओं ने सड़क निर्माण कंपनी को फायदा पहुंचाने का आरोप लगाया। हालांकि उन्होंने सभी आरोपों को सिरे से खारिज किया, लेकिन मामला पूरे साल चर्चा में बना रहा।
7. ब्राह्मण बेटियों IAS संतोष वर्मा का विवादित बयान
मध्य प्रदेश कैडर के IAS संतोष वर्मा 2025 के सबसे बड़े विवादों में से एक की वजह बने। ब्राह्मण समुदाय की बेटियों को लेकर दिए गए उनके बयान को आपत्तिजनक और सामाजिक सद्भाव बिगाड़ने वाला माना गया। उनके खिलाफ FIR की मांग हुई और पद से हटाने की आवाजें उठीं। यह मामला नौकरशाही की भाषा और मर्यादा पर गंभीर बहस बन गया।
8. IAS स्मिता सभरवाल और सत्ता की नजदीकी
तेलंगाना कैडर की चर्चित IAS अधिकारी स्मिता सभरवाल उच्च पदों पर नियुक्ति और राजनीतिक नेतृत्व से करीबी को लेकर चर्चा में रहीं। उनके प्रशासनिक फैसलों पर राजनीति से प्रेरित होने के आरोप लगे, जिससे निष्पक्षता को लेकर सवाल उठे।
9. IAS अपराजिता सिंह का शिक्षा मॉडल
राजस्थान कैडर की अपराजिता सिंह ने शिक्षा क्षेत्र में ड्रॉपआउट दर कम करने के लिए बहुआयामी सामाजिक और आर्थिक मॉडल लागू किया। जमीनी असर के चलते उनका काम नीति निर्माताओं के लिए उदाहरण बना।
10. IAS लीना जॉर्ज और वित्तीय सुधार
आंध्र प्रदेश कैडर की लीना जॉर्ज ने राज्य के बढ़ते वित्तीय घाटे को काबू में करने के लिए कड़े फैसले लिए। सरकारी खर्च में पारदर्शिता और अनुशासन लाने की वजह से वे सुधारक अफसरों में गिनी गईं।
साल 2025 ने दिखा दिया कि IAS सेवा अब सिर्फ प्रशासनिक कुशलता की परीक्षा नहीं है। यह नैतिकता, भाषा, जवाबदेही और सार्वजनिक भरोसे की भी कसौटी बन चुकी है। एक तरफ सम्मान और इनोवेशन हैं, तो दूसरी तरफ आरोप और विवाद। यही 2025 की नौकरशाही की असली तस्वीर है, जटिल, प्रभावशाली और लगातार निगरानी में।












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