IAS पूजा खेडकर करोड़ों की संपत्ति की हैं मालकिन, UPSC से पहले ही थीं इतनी अमीर, माता-पिता के पास भी अथाह पैसा
IAS Pooja Khedkar: भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) की प्रोबेशनरी अधिकारी डॉ. पूजा खेडकर को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। उन्हें इस सप्ताह की शुरुआत में आचरण के बारे में शिकायतों के बाद पुणे से वाशिम ट्रांसफर किया गया था। पहले प्रोबेशन के दौरान 'VIP' मांगों को लेकर भी वो विवादों में रहीं।
अब IAS पूजा खेडकर की नियुक्ति को लेकर सवाल उठ रहे हैं...क्योंकि उन्हें अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लाभ के साथ-साथ विकलांगता छूट भी मिली है। पूजा पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट लगाकर पद हासिल करने के भी आरोप हैं। उस सर्टिफिकेट के जरिए दावा किया गया था कि वह दृष्टिबधित हैं। इसी दौरान ये भी खुलासा हुआ है कि ट्रेनी IAS डॉक्टर पूजा खेडकर और उनके परिवार के पास करोड़ों रुपये की संपत्ति है।

Who is IAS Pooja Khedkar? आईएएस पूजा खेडकर कौन है?
- पूजा खेडकर महाराष्ट्र कैडर की 2023 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, उन्होंने यूपीएससी परीक्षा में 821वीं ऑल इंडिया रैंक (AIR) हासिल की है।
- पूजा महाराष्ट्र के अहमदनगर जिले के पाथर्डी तहसील से ताल्लुक रखने वाले नौकरशाहों और राजनेताओं के परिवार से आती हैं। उनके पिता दिलीप राव खेडकर महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के सेवानिवृत्त अधिकारी हैं, जो अब राजनीति में हाथ आजमा रहे हैं।
- पूजा खेडकर के दादा भी एक वरिष्ठ नौकरशाह थे। दिलीप राव ने 2024 के लोकसभा चुनाव में वंचित बहुजन अघाड़ी के उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ा था और पूजा की मां भालगांव गांव की सरपंच हैं, जहां से उनका परिवार आता है।

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IAS Pooja Khedkar Net Worth: आईएएस पूजा खेडकर की संपत्ति?
पुणे मिरर की रिपोर्ट के मुताबिक आईएएस पूजा खेडकर 17 करोड़ की संपत्ति की मालकिन हैं। UPSC को दिए गए स्टेटमेंट ऑफ एसेट्स दस्तावेजों के मुताबिक पूजा खेडकर के 17 करोड़ रुपये की अचल संपत्ति है। उसमें ये भी बताया गया है कि एक IAS अधिकारी के तौर पर ज्वाइन करने से पहले पूजा के पास 17 करोड़ रुपये की संपत्ति है।
IAS पूजा खेडकर के माता-पिता की संपत्ति
IAS पूजा खेडकर के रिटायर्ड अधिकारी पिता दिलिप खेडकर के पास 40 करोड़ रुपये और मां मनोरमा के पास 15 करोड़ रुपये की संपत्ति है। रिपोर्ट के मुताबिक IAS पूजा खेडकर के माता-पिता के पास नॉन-क्रीमी लेयर सर्टिफिकेट भी है।
IAS पूजा खेडकर के माता-पिता के पास कृषि भूमि सीलिंग अधिनियम का उल्लंघन करते हुए 110 एकड़ कृषि भूमि है। उनके पास 6 दुकानें, 7 फ्लैट, 900 ग्राम सोना, 17 लाख रुपये की सोने की घड़ी, 4 कारें और दो प्राइवेट लिमिटेड कंपनियों भी हैं। वहीं एक ऑटोमोबाइल फर्म में भी हिस्सेदारी है।

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What is Pooja Khedkar's case? आईएएस पूजा खेडकर केस क्या है?
IAS पूजा खेडकर तब चर्चा में आईं जब उनके कथित तौर पर अलग कार्यालय, आधिकारिक कार और अपनी निजी कार पर बत्ती के अनधिकृत इस्तेमाल की मांग की खबरें सामने आईं। इस महीने की शुरुआत में, पुणे के जिला कलेक्टर सुहास दिवासे ने भी पूजा और उनके पिता के आपत्तिजनक व्यवहार के बारे में राज्य सरकार को एक रिपोर्ट भेजी थी। वहीं सत्ता का दुरुपयोग करने के आरोप में उनका तबादला कर दिया गया था।
पूजा ने एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की है। यूपीएससी की परीक्षा में कई बार प्रयास किया और कथित तौर पर 2019 में भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) में सफल रहीं। उनके द्वारा दिए गए एक मॉक इंटरव्यू के वीडियो में उन्हें पैनलिस्टों से यह कहते हुए दिखाया गया है कि वह "ओबीसी आवंटन में कुछ तकनीकी मुद्दों" के कारण आईआरएस में शामिल नहीं हो पाईं, जिसके बाद उन्होंने आवेदन किया और नवंबर 2021 में भारतीय खेल प्राधिकरण में सहायक निदेशक का पद लिया था।

पूजा ने 2021 में सिविल सेवा परीक्षा दी और प्रारंभिक परीक्षा, मुख्य परीक्षा और इंटरव्यू पास करते हुए 821वीं रैंक हासिल की थी। उन्होंने उसके बाद केंद्रीय प्रशासनिक न्यायाधिकरण (कैट) में यूपीएससी के खिलाफ कानूनी लड़ाई तब लड़ी गई जब वह "अंधेपन और मानसिक बीमारी" से पीड़ित होने के अपने विकलांगता दावे की पुष्टि करने के लिए खुद को मेडिकल जांच के लिए पेश करने में विफल रहीं, जिससे उन्हें बेंचमार्क विकलांग व्यक्तियों की श्रेणी के तहत लाभ मिला था।
23 फरवरी 2023 को जारी कैट के आदेश के मुताबिक पूजा को एम्स नई दिल्ली में मेडिकल जांच के लिए उपस्थित रहने के लिए कहा गया था, लेकिन कोविड-19 से संक्रमित होने के कारण स्थगन की मांग की थी। इसके बाद मेडिकल जांच अगस्त 2023 के लिए पुनर्निर्धारित की गई।
कैट सदस्य भगवान सहाय और न्यायमूर्ति एम जी सेवलिकर द्वारा जारी आदेश में कहा गया था कि, ''आवेदक की 26 अगस्त से 2 सितंबर तक एम्स द्वारा मेडिकल जांच की गई और उसे दोनों आंखों में दृष्टि हानि का कारण जानने के लिए विषय विशेषज्ञ द्वारा एमआरआई (ब्रेन) कराने के लिए कहा गया। एम्स में ड्यूटी अधिकारी द्वारा आवेदक से संपर्क करने के कई प्रयास करने के बावजूद, उसकी ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसलिए दृश्य विकलांगता के प्रतिशत का आकलन नहीं किया जा सका।''
रिपोर्ट से पता चला कि बाद में पूजा ने एक निजी अस्पताल में कराई गई एमआरआई रिपोर्ट प्रस्तुत की, जिसमें उनकी विकलांगता के दावे का समर्थन किया गया है।
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IAS पूजा खेडकर के ओबीसी (OBC) आरक्षण पर क्यों है संकट?
अब आईएएस पूजा की ओबीसी (गैर-क्रीमी लेयर) स्थिति के बारे में सवाल उठाए जा रहे हैं क्योंकि वह जाहिर तौर पर एक संपन्न परिवार से ताल्लुक रखती हैं। पुणे स्थित कार्यकर्ता विजय कुंभार ने उनके पिता दिलीप राव द्वारा अपने चुनावी हलफनामे में किए गए खुलासे की ओर इशारा करते हुए उनकी गैर-क्रीमी लेयर स्थिति के बारे में सवाल उठाए हैं।
विजय कुंभार ने कहा, "उनके पिता के चुनावी हलफनामे में उनकी आय और संपत्ति 40 करोड़ रुपये बताई गई है। उनकी संपत्ति में 110 एकड़ कृषि भूमि, हीरानंदानी में एक सहित सात फ्लैट, 900 ग्राम सोना, हीरे, 17 लाख रुपये की सोने की घड़ी, चार कारें शामिल हैं। पूजा के पास खुद 17 करोड़ रुपये की संपत्ति है। क्या इसकी जांच नहीं होनी चाहिए? ऐसी आय गैर-क्रीमी लेयर में कैसे आ सकती है?" इन्ही सब मुद्दों को लेकर आईएएस पूजा खेडकर विवादों में हैं।












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