PM मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी लेने वाले IAS अफसर ने अब किया तबलीगी जमात का समर्थन, सरकार ने दिया नोटिस
नई दिल्ली: पूरा देश कोरोना महामारी से जूझ रहा है। इस बीच आए दिन तबलीगी जमात किसी ना किसी बात को लेकर चर्चा में रहता है। वहीं कर्नाटक के आईएएस अधिकारी मोहम्मद मोहसिन को तबलीगी जमात के समर्थन में पोस्ट लिखना भारी पड़ गया। जिसको लेकर कर्नाटक सरकार ने उनसे जवाब मांगा है। पांच दिन के अंदर जवाब नहीं मिलने पर सरकार उनके खिलाफ कार्रवाई करेगी। इससे पहले भी आईएएस मोहसिन कई बार विवादों में फंस चुके हैं।
Recommended Video

आईएएस मोहम्मद मोहसिन ने 27 अप्रैल को ट्वीट करते हुए लिखा कि तबलीगी जमात से जुड़े कई लोग कोरोना से ठीक हो चुके हैं। अब वो दूसरों की जान बचाने के लिए प्लाज्मा डोनेट कर रहे हैं। ये सभी हीरों हैं, लेकिन महामारी के इस दौर में उनके योगदान की उपेक्षा की जा रही है। अभी तक 300 से ज्यादा जमातियों ने प्लाज्मा डोनेट किया है, लेकिन मीडिया क्या कर रही है? वे जमात की इस मानवता के काम को नहीं दिखाएंगे। इस ट्वीट में उन्होंने जमात के लोगों को हीरो बताया है।
मोहम्मद मोहसिन 1996 बैच के अधिकारी हैं और मौजूदा समय में पिछड़ा कल्याण विभाग में सचिव के पद पर तैनात हैं। उनके इस ट्वीट का कई लोगों ने समर्थन किया तो कई लोगों ने विरोध। कर्नाटक सरकार को मोहसिन का ये ट्वीट पसंद नहीं आाया। जिसके बाद उनको कारण बनाओ नोटिस जारी कर दिया गया है। अगर आईएएस मोहसिन ने पांच दिन के अंदर संतोषपूर्ण जवाब नहीं दिया तो उनके खिलाफ भारतीय सिविल सेवा अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी।
पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की ली थी तलाशी
दरअसल 2019 के लोकसभा में आईएएस मोहम्मद मोहिसन को पर्यवेक्षक के रूप में ओडिशा के संबलपुर में तैनात किया गया था। उस दौरान उन्होंने पीएम मोदी के हेलीकॉप्टर की तलाशी ली थी। जिस वजह से पीएम मोदी को 15 मिनट इंतजार करना पड़ा था। मामले की शिकायत प्रधानमंत्री कार्यालय ने चुनाव आयोग से की थी। जिस पर चुनाव आयोग ने कार्रवाई करते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया था। पीएम मोदी के अलावा उन्होंने ओडिशा के सीएम नवीन पटनायक और केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के हेलीकॉप्टर की भी तलाशी ली थी।












Click it and Unblock the Notifications