यूक्रेन युद्ध के बीच IAF का भारत-पाक सीमा पर युद्धाभ्यास, 148 जेट में पहली बार राफेल भी होगा शामिल
नई दिल्ली, 2 मार्च: भारत-पाकिस्तान सीमा के नजदीक पोखरण रेंज में वायु शक्ति युद्धाभ्यास में भारतीय वायु सेना के कुल 148 विमान अपनी क्षमता का प्रदर्शन करेंगे। बुधवार को भारतीय वायु सेना के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया है कि यह वॉर ड्रिल 7 मार्च को आयोजित होगा। भारतीय वायु सेना के अधिकारी के मुताबिक पहली बार इस युद्धाभ्यास में राफेल विमान भी हिस्सा लेंगे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहेंगे। भारतीय वायुसेना पोखरण रेंज में हर तीन साल पर वायु शक्ति युद्धाभ्यास का आयोजन करती है, जिसमें अपनी पूर्ण युद्ध की तैयारियों का प्रदर्शन करती है।

148 जेट में पहली बार राफेल भी होगा शामिल
भारतीय वायुसेना के अधिकारी ने बताया है कि इस बार जो 148 विमान इस युद्धाभ्यास में शामिल हो रहे हैं, उनमें से 109 फाइटर जेट होंगे। इसके साथ ही इसमें 24 हेलीकॉप्टर, सात ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और चार रिमोट से संचालित होने वाले विमान भी शामिल होंगे। इस युद्धाभ्यास में जो फाइटर जेट भाग लेने वाले हैं, उनमें जगुआर, सुखोई-30, मिग-29, तेजस, राफेल और मिराज-2000 शामिल हैं। कार्यक्रम की शुरुआत 17 जगुआर विमानों के प्रदर्शन के साथ शुरू होगी, जो '75 का आकार' बनाएंगे। अधिकारियों के अनुसार यह समारोह तीन जेट विमानों राफेल, तेजस और सुखोई-30 के साथ समाप्त होगा, जो 'ट्रांसफार्मर एरोबेटिक डिस्प्ले' का प्रदर्शन करेंगे।

दो घंटे का होगा युद्धाभ्यास
इस साल वायु शक्ति युद्धाभ्यास में भारतीय वायुसेना के तमाम हेलीकॉप्टर भी हिस्सा लेने वाले हैं - अपाचे, चिनूक, एमआई17वी5,एमआई35, एएलएच एमकेआईवी और एलसीएच। वायुसेना के अधिकारी के मुताबिक कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 10.30 हो जाएगी और दोपहर बाद 12:30 बजे समाप्त हो जाएगा।

2019 के हो रहा है यह युद्धाभ्यास
इंडियन एयर फोर्स के अफसरों के मुताबिक इस युद्धाभ्यास में आकाश मिसाइल सिस्टम और स्पाइडर मिसाइल सिस्टम की क्षमता भी प्रदर्शित की जाएगी। साथ ही ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट सी17 और सी130जे भी इस युद्धाभ्यास के हिस्सा होंगे। पिछली बार यह युद्धाभ्यास 2019 में आयोजित हुआ था। इस बार यह ऐसे समय पर आयोजित हो रहा है, जब यूक्रेन पर रूसी हमले की वजह से वैश्विक माहौल तनावपूर्ण है।












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