भारतीय वायुसेना कर रही है बड़ी तैयारी, आसान नहीं होगा पड़ोसी मुल्क के लिए
नई दिल्ली। भारतीय वायुसेना के सूत्रों की मानें तो फ्रंटलाइन बेस जिसमें पठानकोट, अंबाला, हलवारा और हासिमारा पूरी तरह से किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार हैं और इन्हें किसी भी वक्त किसी भी स्थिति से निपटने के लिए निर्देश दिए जा सकते हैं। भारतीय वायुसेना ने इस बात का फैसला लिया है कि वह रात में लड़ाकू विमान की क्षमता को बढ़ाएगी, इसे मौजूदा समय में 30 फीसदी से बढ़ाने का फैसला लिया गया है, ताकि किसी भी विषम परिस्थिति में वायुसेना दुश्मनों के लिए घातक साबित हो सके। वायुसेना के अधिकारियों का कहना है कि रात में लड़ाकू विमान की क्षमता को बढ़ाने के पीछे की मुख्य वजह यह है कि हम अपनू पूरी ताकत और क्षमता को बढ़ा सके ताकि हमले के वक्त स्क्वॉड्रन 24 घंटे किसी भी स्थिति से लड़ने के लिए हमेशा तैयार रहे।
इसे भी पढ़ें- भारतीय वायुसेना के लिए बेहद जरूरी है यह डील, चीन-पाकिस्तान निकले आगे

30 फीसदी से अधिक क्षमता को बढ़ाया जा रहा है
भारतीय वायुसेना के वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि रात में वायुसेना की क्षमता को 30 फीसदी से अधिक बढ़ाने का फैसला कई पहलुओं को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। जिसमे मुख्य रूप से पड़ोसी देश के साथ बढ़ती सुरक्षा का खतरा सबसे अहम है। उन्होंने कहा कि रात में उड़ाने भरने वाले लड़ाकू विमान अब पहले से ज्यादा ताकतवर हैं, उनमे बेहतर इलेक्ट्रॉनिक्स सेंसर , राडार और आसमाना से जमीन में मार करने वाली मिसाइल हैं, साथ ही इन विमानों के रात में ऑपरेशन में किसी भी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

मौजूदा माहौल की वजह से की जा रही तैयारी
मौजूदा माहौल के बारे में वायुसेना के अधिकारी ने कहा कि युद्ध के माहौल बहुत तेजी से बदल रहे हैं, हम खुद को इलेक्ट्रॉनिक युद्ध के माहौल के लिए तैयार कर रहे हैं, इसी के चलते वायुसेना में इतने सारे बदलाव किए जा रहे हैं। उन्होने कहा कि तकरीबन सभी वायुसेना के बेस जिसमें वेस्टर्न और नॉर्दर्न सीमाएं भी शामिल हैं, वहां रात में वायुसेना की क्षमता को बढ़ाया जा रहा है।

बड़ी खरीद की ओर भारत
युद्ध के समय वायुसेना की क्षमता को बढ़ाने के लिए मौजूदा स्थिति में बड़े बदलाव किए जा रहे हैं, जिसमें अगले कुछ सालों मे 100 से अधिक लड़ाकू विमानों की खरीद भी शामिल है। पिछले वर्ष सितंबर माह में भारत ने 7.87 बिलियन यानि 59000 करोड़ रुरपए के फ्रांस की सरकार से करार किया था, जिसके तहत भारत 36 रफाल लड़ाकू विमान खरीदेगा, जिसमें से 18 रफाल विमान अंबाला में तैनात किए जाएंगे, जबकि 18 विमान जोकि नई तकनीक से लैस होंगे उन्हें हासिमारा स्टेशन पर तैनात किया जाएगा। सूत्रों का कहना है कि सेना भारत सरकार पर इस बात का दबाव बना रही है कि 36 विमानों की और खरीद की जाए ताकि हर स्टेशन पर 18-18 लड़ाकू रफाल विमान तैनात किए जा सके।












Click it and Unblock the Notifications