JKLF का जावेद अहमद मीर घाटी का पहला आतंकी जिसे PoK में मिली थी ट्रेनिंग
श्रीनगर। सुरक्षा एजेंसियों ने सन् 1990 में जम्मू कश्मीर के श्रीनगर में हुई इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के चार सैनिकों की हत्या के सिलसिले में अब जम्मू कश्मीर लिब्रेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के एक और आतंकी जावेद मीर उर्फ नलका को भी गिरफ्तार कर लिया है। इस केस में जेकेएलएफ के फाउंडर यासीन मलिक की गिरफ्तारी पहले ही हो चुकी है। मलिक इस समय तिहाड़ जेल में बंद है। मीर भी इस हत्याकांड में शामिल था।

नलका, ट्रेनिंग के लिए गया पीओके
नलका को अगले हफ्ते कोर्ट में पेश किया जाएगा। सुरक्षा एजेंसियों की मानें तो नलका घाटी का पहला आतंकी था जिसने पाकिस्तान में हथियारों की ट्रेनिंग ली थी। आतंकी ट्रेनिंग के लिए नलका पीओके गया था। जेकेएलएफ एक प्रतिबंधित संगठन है। सीबीआई की तरफ से इस केस में 28 साल बाद सुनवाई शुरू हुई है। सीबीआई ने दो चार्जशीट फाइल की हैं और इन चार्जशीट को टाडा के तहत 31 अगस्त 1990 को फाइल किया गया था। लेकिन टाडा कोर्ट की तरफ से साल 1995 में इस केस के ट्रायल पर स्टे लगा दिया गया था। श्रीनगर में टाडा कोर्ट न होने की वजह से यह फैसला लिया गया था। जावेद मीर को 15 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया है।

80 के दशक में जुड़ा जेकेएलएफ से
मीर, कश्मीर घाटी में वॉटर वर्क्स डिपार्टमेंट में काम करता था और उसने 80 के दशक के अंत में जेकेएलएफ को ज्वॉइन किया था। श्रीनगर में 25 जनवरी 1990 की कड़कड़ाती ठंड में एक दिल दहलाने वाली खबर आई थी। खबर ऐसी थी जिसने सर्दी में भी सुरक्षा एजेंसियों के पसीने छुड़ा दिए थे। इंडियन एयरफोर्स (आईएएफ) के 40 जवानों पर जम्मू कश्मीर लिबरेशन फ्रंट (जेकेएलएफ) के मुखिया यासीन मलिक ने हमला किया और चार आईएएफ ऑफिसर्स की हत्या कर दी थी। इस घटना का ट्रायल 30 वर्ष बाद शुरू हुआ है।

स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना का नाम वॉर मेमोरियल पर
अपने साथियों को बचाने के लिए आगे आए स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना भी इसमें शहीद हो गए थे। रवि खन्ना की उम्र उस समय करीब 37 वर्ष थी। घटनास्थल पर मौजूद लोगों की मानें तो रवि ने कार में आए आतंकियों की तरफ से हो रही गोलियों की बौछार से अपने साथियों को बचाने की पूरी कोशिश की थी। स्क्वाड्रन लीडर रवि खन्ना का नाम अब राजधानी दिल्ली स्थित वॉर मेमोरियल में शामिल होगा। जहां उस समय सरकारें लगातार मलिक के साथ पर्दे के पीछे वार्ता में शामिल थीं,अलगाववादियों ने केस को जम्मू से श्रीनगर शिफ्ट करने की मुहिम छेड़ दी थी।

26 अप्रैल को हटा कोर्ट का स्टे
इस वर्ष 26 अप्रैल को जम्मू कश्मीर हाई कोर्ट ने केस पर लगे स्टे को हटा दिया था। इसके अलावा मलिक की उस याचिका को भी खारिज कर दिया गया जिसमें उसने ट्रायल को शिफ्ट करने की अपील की थी।मलिक ने साल 2008 में स्पेशल कोर्ट में एक याचिका दायर की थी जिसमें उसने अमरनाथ यात्रा की वजह से होने वाली सुरक्षा व्यवस्था के चलते केस को श्रीनगर शिफ्ट करने की मांग की थी। मीर को भी सीबीआई की चार्जशीट में आरोपी बनाया गया था।
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