IAF Chopper Crash: जिंदगी से जंग लड़ रहे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह का यह लेटर सबको पढ़ना चाहिए
बेंगलुरु, 11 दिसंबर: तमिलनाडु में हुए वायुसेना के हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस बिपिन रावत उनकी पत्नी सहित 11 अफसरों की मौत हो गई। इस हादसे में एकमात्र बचे ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह की हालत गंभीर बनी हुई है। बेंगलुरु के एक आर्मी अस्पताल में ग्रुप कैप्टन जिंदगी की जंग लड़ रहे हैं। पिछले साल उनको तेजस लड़ाकू विमान में एक बड़ी तकनीकी खराबी के बाद संभावित दुर्घटना को टालने के लिए अगस्त में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। वहीं अब उनका छात्रों के नाम लिखा एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें उन्होंने कहा था कि 'औसत दर्जे का होना ठीक है, इसमें कोई बुराई नहीं है'।
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'हर कोई 90 प्रतिशत स्कोर नहीं कर पाएगा'
ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह ने हरियाणा के चंडीमंदिर में आर्मी पब्लिक स्कूल के प्रिंसिपल को पत्र में लिखा था, जिसमें उन्होंने छात्रों को प्रेरणा देते हुए कहा था कि औसत दर्जे का होना ठीक है, इसमें कोई बुराई वाली बात नहीं है। हर कोई स्कूल में उत्कृष्ट नहीं होगा और हर कोई 90 प्रतिशत स्कोर नहीं कर पाएगा। यदि कोई ऐसा करता है, तो यह एक अद्भुत उपलब्धि है और इसकी सराहना की जानी चाहिए।

'जीवन में आने वाली चीजों का कोई पैमाना नहीं है'
उन्होंने अपने लेटर में छात्रों को संबोधित करते हुए लिखा था कि यदि आप ऐसा नहीं करते हैं, तो यह ना सोचें कि आप औसत दर्जे के हैं। आप स्कूल में औसत दर्जे के हो सकते हैं, लेकिन यह जीवन में आने वाली चीजों का कोई पैमाना नहीं है। आप अपने मन की बात सुने ढूंढें वो कला, संगीत, ग्राफिक डिजाइन, साहित्य कुछ भी हो सकता है। आप जो भी काम करते हैं उसके लिए समर्पित रहें, अपना सर्वश्रेष्ठ दीजिए। यह सोचकर कभी बिस्तर पर मत जाओ कि मैं और प्रयास कर सकता था।

12वीं में मुश्किल से फर्स्ट क्लास आए
उन्होंने अपने बारे में लिखते हुए बताया कि वह एक औसत छात्र थे और कक्षा 12वीं में मुश्किल से फर्स्ट क्लास आए थे, लेकिन उनको हवाई जहाज और एविएशन का पैशन था। ग्रुप कैप्टन ने लिखा 'मैं आपको गर्व और नम्रता की भावना से लिखता हूं कि इस साल 15 अगस्त को मुझे 12 अक्टूबर, 2020 को वीरता के कार्य के सम्मान में भारत के राष्ट्रपति द्वारा शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया। उन्होंने लिखा 'मैं एक बहुत ही औसत छात्र था, जिसने 12 कक्षा में मुश्किल से प्रथम श्रेणी में अंक प्राप्त किए। भले ही मुझे 12वीं कक्षा में डिसिप्लिन परफेक्ट बनाया गया था, फिर भी मैं खेल और अन्य सह-पाठयक्रम गतिविधियों में भी उतना ही औसत था। लेकिन मुझे हवाई जहाज और एविएशन का शौक था।

18 सितंबर 2021 को लिखा था लेटर
पत्र में उन्होंने घटना का जिक्र करते हुए कहा था कि पिछले साल जब वह तेजस विमान को उड़ा रहे थे, तब उसमें एक बड़ी तकनीकी खामी आ गई थी, लेकिन साहस और सूझबूझ का परिचय देते हुए उड़ान के बीच उन्होंने एक भीषण दुर्घटना को टाल दिया था, जिसके लिए उन्हें अगस्त में शौर्य चक्र से सम्मानित किया गया था। आपको बता दें कि वरुण सिंह ने यह पत्र 18 सितंबर 2021 को लिखा था।
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