आज अंबाला में राफेल विमानों को रिसीव करेंगे वायुसेना प्रमुख, मौसम खराब होने पर जोधपुर में होगी लैंडिंग
नई दिल्ली: भारतीय वायुसेना के लिए बुधवार का दिन काफी ऐतिहासिक है, जहां फ्रांस से पांच राफेल लड़ाकू विमान भारत आ रहे हैं। ये विमान अंबाला स्थित एयरबेस पर लैंड करेंगे, यहीं पर पहले स्क्वाड्रन की तैनाती होनी है। इस दौरान राफेल विमानों को रिसीव करने के लिए खुद वायुसेना प्रमुख आरकेएस भदौरिया वहां पर मौजूद रहेंगे। वायुसेना प्रमुख के अलावा कई उच्च अधिकारी भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। इस दौरान COVID-19 संबंधित सभी प्रोटोकॉल का पालन किया जाएगा।

जोधपुर में वैकल्पिक व्यवस्था
वायुसेना अधिकारियों के मुताबिक अगर मौसम सही रहा तो बुधवार दो बजे के करीब पांचों विमान अंबाला एयरबेस पर लैंड करेंगे। अगर मौसम या कोई अन्य दिक्कत आती है तो इसे जोधपुर एयरबेस पर लैंड करवाया जाएगा, वहां पर वैकल्पिक तैयारियां की गई हैं। वायुसेना प्रमुख खुद बुधवार सुबह अंबाला एयरबेस पहुंच जाएंगे। इसके बाद उन्हीं की अगुवाई में पांचों विमानों का स्वागत होगा। अंबाला में विमान उतरने के बाद ग्रुप कैप्टन हरकीरत सिंह के नेतृत्व में पायलट, वायुसेना प्रमुख से मिलेंगे और उन्हें फ्रांस में उनकी उड़ान और प्रशिक्षण के बारे में जानकारी देंगे।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम
विमानों की लैंडिग से पहले अंबाला एयरबेस के 3 किलोमीटर के दायरे में धारा 144 लागू कर दी गई है। यहां किसी ड्रोन को उड़ाने की भी अनुमति नहीं है। वहीं एयरबेस के पास फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी पर भी प्रतिबंध लगा दिया गया है। इसके साथ ही इलाके में 4 से ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर मनाही है। कोरोना महामारी को देखते हुए भी वहां पर चिकित्सा इंतजाम किए गए हैं। वायुसेना के मुताबिक पायलट उड़ान से पहले कोविड-19 प्रोटोकॉल का पालन करेंगे।

भारत ने खरीदे हैं 36 जेट
भारत ने सितंबर, 2016 में फ्रांस के साथ 36 राफेल लड़ाकू विमानों की डील की थी। यह डील तकरीबन 59 हजार करोड़ रुपये की थी। अब इसकी पहली खेप भारत को मिल जाएगी। अंबाला में राफेल विमान की लैंडिंग के बाद जल्द ही इसे कमेंट ऑपरेशन में भी लगाया जाएगा, क्योंकि फ्रांस ने राफेल विमान में लगने वाले Scalp और Meteor मिसाइल भारत के लिए रवाना कर दिया है। इन राफेल विमानों में हवा से हवा में 150 किमी. तक की रेंज लक्ष्य भेदने वाली मेट्योर मिसाइल लगी होगीं। विमान में तैनात Scalp और Meteor मिसाइलें भारतीय वायुसेना को मजबूती देने में अहम रोल अदा करेंगी।












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