वायु सेना प्रमुख ने बताया, बालाकोट एयर स्ट्राइक के बाद बढ़ी एयरफोर्स की क्षमता
नई दिल्ली, 10 अगस्त: भारतीय वायु सेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल आरकेएस भदौरिया ने बताया कि एयरफोर्स की क्षमताएं बालाकोट हवाई हमले के बाद काफी बढ़ी है। एयर चीफ मार्शल के मुताबिक भारत के पास अब पश्चिमी और उत्तरी मोर्चों पर तेज प्रतिक्रिया और तेजी से हिट करने की क्षमता है। उन्होंने बताया कि सटीकता के साथ टारगेट को भेदने, परिसंपत्ति की सुरक्षा करने और नई टेकनीक का उपयोग करने के संदर्भ में वायु सेना ने बढ़त हासिल की है।

IAF चीफ एयर चीफ मार्शल भदौरिया ने मंगलवार को कहा कि परिवर्तन के दृष्टिकोण से हमारा वर्तमान ध्यान बालाकोट हमलों और गलवान घाटी झड़पों जैसी हाल की घटनाओं के बाद अपनी रणनीति, प्रौद्योगिकी, क्षमताओं में आगे रहते हुए बढ़त हासिल करने पर था। राफेल और स्वदेशी हथियारों के साथ आने वाली क्षमताओं के अलावा हमारे पास जो बढ़त है वह हमारी ट्रेंनिंग स्थिति, हथियारों की बढ़त, दूरी की बढ़त, नेटवर्क और पश्चिमी या उत्तरी मोर्चे पर तेजी से हिट करने की हमारी क्षमता की एक जुगलबंदी है।
एक प्रमुख थिंक-टैंक में एक संबोधन में IAF प्रमुख ने कहा कि भारत की क्षमता में बढ़त हुई है। जम्मू एयरबेस पर ड्रोन हमले के बारे में उन्होंने कहा कि भारतीय वायुसेना ऐसी चुनौतियों से निपटने के लिए अगली पीढ़ी के जैमर खरीदने सहित कई पहल कर रही है। उन्होंने कहा कि अगर दो-तीन महीने बाद हमला करने का प्रयास किया गया होता तो यह हमला संभव नहीं होता।
वहीं इजराइल और हमास के बीच 11 दिन के चले संघर्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि इजराइल ने गाजा में अपने टारगेट को हासिल करने के लिए सटीकता के साथ ऑपरेशन चलाया था। साथ ही इजराइल ने न्यूनतम नुकसान सुनिश्चित करते हुए ऐसा किया था, जो इजराइल की वायु सेना की क्षमताओं के बदौलत ही संभव हो पाया।












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