सीमा विवाद पर बोले वायुसेना प्रमुख- राफेल आने के बाद बढ़ी चीन की टेंशन
IAF Chief RKS Bhadauria Interview: पिछले साल मई में लद्दाख और सिक्किम में चीन के साथ भारत का सीमा विवाद शुरू हुआ था। सिक्किम में कुछ दिनों बाद मामला शांत हो गया, लेकिन लद्दाख में हालात अभी भी तनावपूर्ण हैं। इस बीच भारत भी लगातार अपनी रक्षा तैयारियों को और ज्यादा मजबूत कर रहा है। वायुसेना प्रमुख RKS भदौरिया के मुताबिक सभी दुश्मनों से एक साथ निपटने में भारत पूरी तरह से सक्षम है। हाल ही में जो राफेल विमान फ्रांस से भारत आए हैं, उन्होंने चीनी सेना की टेंशन बढ़ा दी है।
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न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए वायुसेना प्रमुख ने कहा कि भारत-चीन सीमा पर विवाद को हल करने के लिए बातचीत जारी है। दोनों ओर बहुत ही ज्यादा तनाव है, वहां पर डी-एस्केलेशन होता है, तो ये ज्यादा अच्छी बात होगी। अगर ऐसा नहीं होता और नए तरह के हालात उत्पन्न होते हैं, तो हम उसके लिए पूरी तरह से तैयार हैं। वहीं जब वायुसेना प्रमुख से पूछा गया कि क्या राफेल के आने के बाद चीन की टेंशन बढ़ी है, तो उन्होंने तुरंत जवाब दिया- हां बहुत बढ़ी है।
वायुसेना प्रमुख के मुताबिक जब भारत में राफेल विमान पहुंचे थे, तो चीन पूर्वी लद्दाख के पास अपने फाइटर जेट्स J-20 लेकर आया था, हालांकि बाद में वो वापस चले गए, लेकिन ये संकेत थे कि वो हवा में अपनी ताकत दिखाना चाहते हैं। उन्होंने साफ किया कि भारतीय वायुसेना दुश्मन को मुंहतोड़ जवाब देने में सक्षम है, हम चीन के एक्शन और क्षमता दोनों को जानते हैं।
उन्होंने कहा कि पूंजीगत खर्च में (20,000 करोड़ रुपये) की बढ़ोतरी सरकार का बड़ा कदम है। पिछले साल भी 20,000 करोड़ रुपये के अतिरिक्त फंड उपलब्ध कराए गए थे। जिससे तीनों सेनाओं को मदद मिली। मुझे लगता है कि यह हमारी क्षमता निर्माण के लिए पर्याप्त है। वहीं चीन से विवाद को देखते हुए भारतीय वायुसेना LAC के पास 30 नए स्क्वाड्रन शुरू करने जा रही है।












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