महागठबंधन का भविष्य पहले से ही पता था, फिर भी 20 महीने चलाया: नीतीश कुमार
नीतीश कुमार के इस दावे पर विधानसभा में विपक्ष के नेता और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने उनपर हमला बोला
नई दिल्ली। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने एक बार फिर से महागठबंधन से बाहर होने की वजह बताई है। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने सोमवार को दावा किया कि वह शुरुआत से ही जानते थे कि उनका लालू प्रसाद यादव के राजद के साथ गठबंधन डेढ साल से अधिक नहीं चल पाएगा लेकिन उन्होंने महागठबंधन को चलाने के लिए अपनी ओर से पूरी कोशिश की थी। पटना के एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास में आयोजित लोकसंवाद के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने दावा किया कि जिस दिन महागठबंधन (जदयू-राजद-कांग्रेस) सरकार बनीं थी तो उन्होंने अपने करीबी लोगों से कहा था कि यह (महागठबंधन) डेढ़ साल से भी अधिक समय तक नहीं चलेगा। मैं यह शुरू से ही जानता था फिर भी 20 महीने तक इसे चलाया।

'पलटू चाचा के दिमाग में पहले से ही जहर था'
नीतीश कुमार के इस दावे पर विधानसभा में विपक्ष के नेता और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव ने उनपर हमला बोला। उन्होंने ट्वीट कर कहा, 'वही तो मैं शुरू से कह रहा हूं कि तेजस्वी तो बहाना था। पलटू चाचा के दिमाग में पहले से ही जहर था। 67 साल के आदरणीय बूढ़े आदमी को शर्म आनी चाहिए कि उन्होंने 28 साल के नौजवान को अपनी कुर्सी के कुकर्म छिपाने का बहाना बनाया। अरे चाचा, मर्दों की तरह छोड़कर जाते।'

नीतीश और लालू ने कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया था
आपको बता दें कि साल 2014 में लोकसभा चुनाव में करारी हार के बाद नीतीश और लालू ने कांग्रेस के साथ मिलकर महागठबंधन बनाया था और 2015 में बिहार विधानसभा चुनाव साथ लडकर सत्ता में आए थे। पूर्व उपमुख्यमंत्री और लालू के छोटे पुत्र तेजस्वी प्रसाद यादव के खिलाफ रेलवे में होटल के बदले भूखंड मामले में सीबीआई द्वारा प्राथमिकी दर्ज किए जाने के बाद जदयू ने तेजस्वी से स्पष्टीकरण दिए जाने की मांग थी। राजद द्वारा इस मांग को ठुकरा दिए जाने पर नीतीश ने गत वर्ष जुलाई में महागठबंधन में शामिल राजद और कांग्रेस से नाता तोड़कर भाजपा के साथ मिलकर बिहार में राजग की नई सरकार बना ली थीं। राजद और कांग्रेस ने नीतीश के इस कदम को जनादेश के साथ धोखा करने का आरोप लगाया था।

मोहन भागवत के बयान का बचाव
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के संघ के स्वयं सेवकों की तीन दिन में सेना तैयार करने संबंधी बयान का बचाव करते हुए सोमवार को कहा कि कोई नागरिक या नागरिक संगठन देश की सीमा की रक्षा के लिए अगर अपनी तत्परता दिखाता है तो यह ठीक है। नीतीश यहां एक अणे मार्ग स्थित मुख्यमंत्री आवास पर आज आयोजित लोकसंवाद के बाद पत्रकारों से बात कर रहे थे।












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