शिवपाल यादव ने किया सरेंडर लेकिन नहीं भुला पा रहे अपनी हार, जानिए क्या है प्लान बी?
मुलायम कुनबे में मची कलह की सुलह के लिए इस बार दिवाली माध्यम बनी। दिवाली के मौके पर मुलायम कुनबा सैफई में एक साथ नजर आया।
नई दिल्ली। सपा नेता शिवपाल यादव ने यूपी के पूर्व सीएम अखिलेश यादव के सामने सरेंडर कर दिया है। शिवपाल यादव ने साफ कर दिया है कि अब वही सही होगा जो अखिलेश यादव कहेंगे। बात वही पक्की होगी जो अखिलेश यादव कहेंगे। मतलब साफ है कि भतीजे के सामने चाचा शिवपाल ने घुटने टेक लिए हैं।कुछ दिन पहले आगरा में राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद से ही इसके संकेत मिलने लगे थे। दीवाली के मौके पर पार्टी के शीर्ष परिवार की एकजुटता को दिखाने वाली फोटो भी सार्वजनिक हुई थीं। उसमें पार्टी के दोनों धड़ों के नेताओं अखिलेश यादव और शिवपाल यादव को एक साथ देखा गया था। इसी बीच खबर ये भी है कि शिवपाल यादव अखिलेश के सामने हुई अपनी हार को भुला नहीं पा रहे है और अपने प्लान बी पर भी काम कर रहे हैं।

'सच्चे सिपाही लेकिन नहीं भुल पा रहे हार'
कल्कि महोत्सव में हिस्सा लेने आए शिवपाल सिंह यादव ने कहा था कि वह भले ही इस समय किसी पद पर ना हों लेकिन वह पार्टी के सच्चे सिपाही हैं और सभी मुददों पर पार्टी के फैसलों को मानेंगे। उन्होंने कहा कि अगर पार्टी में मतभेद नहीं होते तो सपा की सरकार बनी होती और अखिलेश फिर से मुख्यमंत्री बने होते। शिवपाल ने कहा कि हर परिवार में मतभेद होते हैं और उनके परिवार में भी मतभेद था लेकिन पार्टी में अब किसी तरह की कोई दिक्कत नहीं है।

मुलायम-रामगोपाल की लंबी मुलाकात
मुलायम कुनबे में मची कलह की सुलह के लिए इस बार दिवाली माध्यम बनी। दिवाली के मौके पर मुलायम कुनबा सैफई में एक साथ नजर आया। मुलायम सिंह यादव, अखिलेश यादव, शिवपाल यादव, धर्मेंद्र यादव, तेज प्रताप यादव एक साथ नजर आए। वहीं इसके बाद मुलायम सिंह यादव और रामगोपाल यादव के बीच लंबी बातचीत भी हुई थी।

ये है शिवपाल का प्लान बी
यूपी के 'समाजवादी परिवार' की कलह फिलहाल तो बीते दिनों की बात जैसी होती दिख रही है। शिवपाल यादव का ये बयान आया था कि उन्होंने सीएम अखिलेश यादव को पार्टी का राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वीकार कर लिया है। उन्होंने कहा था कि अब पार्टी में 'सब ठीक है'। शिवपाल यादव के हालिया रुख की बात करें तो उन्होंने अब मुलायम सिंह यादव को पार्टी प्रमुख बनाए जाने की मांग बंद कर दी है। हालांकि शिवपाल यादव अभी भी अपने प्लान बी पर काम कर रहे हैं। वो अखिलेश के सामने हुई अपनी हार को भुला नहीं पा रहे है और कई राजनीतिक दल बड़े नेताओं के संपर्क में है। खबर तो यहां तक है कि शिवपाल यादव अगला धमाका अपने बेटे आदित्य यादव के माध्यम से कर सकते है। ये सबको पता है कि शिवपाल यादव के कई अन्य दलों के बड़े नेताओं से अच्छे संबंध है।












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