पीएम बनने के लिए मोदी से ज्यादा योग्यता मुझमें: नीतीश कुमार

उन्होने राजग में लौटने की संभावना से इनकार किया और कहा कि राजग में लौटने की अपेक्षा मैं बिहार की मिट्टी में दफन हो जाना चाहूंगा। हमने कांग्रेस के साथ गठबंधन की भी इच्छा नहीं जताई थी। नीतीश ने दावा किया कि कांग्रेस ने उन्हें ऑफर दिया पर वह कभी भी संप्रग में शामिल नहीं होना चाहते थे। उन्होने कहा कि मेरा राजनीतिक अनुभव काफी लंबा है, इसे देखने के लिए मेरे द्वारा किये गये कामों को देखें।
नीतीश ने फिर से दोहराया कि वह सांप्रदायिक लोगों का कभी समर्थन नहीं करेंगे। वह धर्मनिरपेक्षता का समर्थन करते हैं। जयललिता और मुलायम सिंह यादव के प्रधानमंत्री बनने की इच्छा पर नीतीश का कहना है कि इसमें कुछ भी बुराई नहीं है, हर कोई जनता के बीच पैठ बनाने का प्रयास करता है।
जदयू नरेंद्र मोदी को गोवा की कार्यकारिणी बैठक में चुनाव प्रचार समिति का चेयरमैन बनाए जाने के बाद राजग से अलग हो गयी थी। राष्ट्रीय जनता दल के शासन के बाद जदयू और भाजपा के गठबंधन की सरकार बनीं। अपने पहले कार्यकाल में नीतीश के कार्यों की सराहना की गई लेकिन उनका दूसरा कार्यकाल उतना बेहतर नहीं रहा।












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