मेरी लड़ाई मनुवादी सोच थोपने वालों से है : मीरा कुमार
भोपाल। राष्ट्रपति चुनाव की उल्टी गिनती शुरू हो चुकी है, पक्ष और विपक्ष दोनों के उम्मीदवार अपनी-अपनी तरह से इस चुनाव को लड़ने को तैयार है और इसी क्रम में बयान भी दे रहे हैं।

लड़ाई मनुवादी सोच थोपने वालों से
भोपाल में अपने लिए समर्थन जुटाने पहुंची विपक्ष की उम्मीदवार मीरा कुमार ने किसी पार्टी या सरकार का नाम लिए बगैर कहा कि इस समय देश के लोगों पर मनुवादी सोच थोपी जा रही है, दलितों पर अत्याचार हो रहे हैं। उनकी लड़ाई मनुवादी सोच थोपने वालों से है, राष्ट्रपति चुनाव 'विचारधारा की लड़ाई' है।

जातिवाद को बढ़ावा देने वाले लोग...
उन्होंने कहा कि एक तरफ मनुवादी सोच रखने वाले, जातिवाद को बढ़ावा देने वाले लोग हैं, तो दूसरी ओर उनके साथ वे लोग खड़े हैं जो जातिवाद के खिलाफ और सामाजिक समरसता की वकालत करते हैं। इस चुनाव को विचारधारा का चुनाव बनाया गया है।

विचारधारा की लड़ाई
मध्यप्रदेश में कांग्रेस के विधायकों और सांसदों से समर्थन मांगने पहुंचीं पूर्व लोकसभा अध्यक्ष ने इससे पहले भी कहा था कि उनकी लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, बल्कि विचारधारा से है।

राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग)
गौरतलब है कि राष्ट्रपति चुनाव में मीरा कुमार का मुकाबला केंद्र में सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के उम्मीदवार रामनाथ कोविंद से है,जिन्होंने हाल ही में बयान दिया है कि वह इस्लाम और ईसाई धर्म को बाहरी देश के धर्म मानते हैं। वहीं, मीरा की पार्टी का मानना है कि कोविंद उस विचारधारा से ताल्लुक रखते हैं, जो राष्ट्रपिता की हत्या और गुजरात दंगों में हजार से ज्यादा बेगुनाह इंसानों की जान लेने के लिए जिम्मेदार है।

17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव
मालूम हो कि 17 जुलाई को राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे। वोटों की गिनती 20 जुलाई को होगी। इस बार भी राष्ट्रपति चुनाव बैलेट पेपर से ही कराए जाएंगे। साथ ही, चुनाव के लिए विशेष पेन का इस्तेमाल होगा।












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