Hyderabad New Bridge: मीर आलम टैंक पर बनेगा शानदार पुल, लोगों को मिलेगा सिंगापुर जैसा अनुभव
Hyderabad New Bridge: हैदराबाद के मीर आलम टैंक पर बनने जा रहा नया केबल-स्टेड ब्रिज शहर के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई पहचान देने वाला है। यह परियोजना न केवल यातायात को आसान बनाएगी, बल्कि दक्षिणी हैदराबाद के लिए एक आधुनिक लैंडमार्क के रूप में भी उभरेगी। ताज़ा जानकारी के अनुसार, इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का शिलान्यास जल्द ही किया जाएगा।
इस ब्रिज का सबसे बड़ा फायदा इसकी कनेक्टिविटी होगी। यह पुल बेंगलुरु नेशनल हाईवे (NH-44) को शास्त्रीपुरम के रास्ते चिंतलमेट रोड से जोड़ेगा, जिससे आसपास के इलाकों के बीच यात्रा काफी तेज और आसान हो जाएगी। लगभग 2.65 किलोमीटर लंबा और 22.2 मीटर चौड़ा यह पुल 4-लेन हाई-लेवल ब्रिज होगा, जिससे बड़ी संख्या में वाहन आसानी से गुजर सकेंगे।

Hyderabad New Bridge: पुल से दिखेगा विहंगम नजारा
- पुल के एंट्री और एग्जिट रैंप मीर महमूद पहाड़ी रोड और किंग्स कॉलोनी-शास्त्रीपुरम रोड के पास बनाए जाएंगे, जिससे स्थानीय ट्रैफिक को भी बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सकेगा।
- इस ब्रिज की एक खास बात यह भी होगी कि यहां से गुजरने वाले लोगों को नेहरू जैविक उद्यान (Nehru Zoological Park) का शानदार बर्ड्स आई व्यू देखने को मिलेगा। यह पुल पर्यटन के लिहाज से भी खास होगा।
Mir Alam Tank पर बनेगा 430 करोड़ की लागत से पुल
परियोजना की लागत की बात करें तो तेलंगाना सरकार ने इसके लिए ₹430 करोड़ की मंजूरी दी है। निर्माण का ठेका दिया जा चुका है, जिसका अनुबंध मूल्य करीब ₹319.24 करोड़ है। यह प्रोजेक्ट मूसी रिवरफ्रंट डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन लिमिटेड (MRDCL) की निगरानी में EPC मोड पर पूरा किया जाएगा। इस ब्रिज के बनने से यात्रियों का समय भी काफी बचेगा। फिलहाल लोगों को झील के चारों ओर घूमकर बहादुरपुरा या शास्त्रीपुरम जाना पड़ता है, जिसमें करीब 20 मिनट लगते हैं। लेकिन पुल बनने के बाद यही दूरी महज 5 से 10 मिनट में तय हो सकेगी।
साथ ही, सरकार इस क्षेत्र को एक पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करने की भी योजना बना रही है। ब्रिज के आसपास के इलाके को सुंदर बनाने के लिए सिंगापुर के मशहूर गार्डन्स बाय द बे से प्रेरणा ली जा रही है, जिससे यह स्थान स्थानीय लोगों और पर्यटकों दोनों के लिए आकर्षण का केंद्र बन सके।












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