Hyderabad Metro Phase 2: प्रोजेक्ट के लिए ₹28,740 करोड़ की मंजूरी, एयरपोर्ट के फ्यूचर सिटी तक सीधी कनेक्टिविटी
Hyderabad Metro Phase 2: हैदराबाद मेट्रो शहर की कनेक्टिविटी में मील का पत्थर बनने के लिए तैयार है। फेज-2 का विस्तार शहर के सार्वजनिक परिवहन में बड़ा बदलाव लाने वाला बनेगा। इस मेगा प्रोजेक्ट के लिए केंद्र सरकार ने ₹28,740 करोड़ की वित्तीय सहायता के लिए स्वीकृति दे ही है। हालांकि, यह राशि तभी जारी होगी जब तेलंगाना सरकार एलएंडटी (L&T) के साथ फेज-1 के अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) केंद्र को सौंपेगी।
इस बार मेट्रो परियोजना को पुराने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर नहीं तैयार की जा रही है। राज्य और केंद्र सरकार के 50:50 संयुक्त उद्यम मॉडल के तहत विकसित किया जाएगा। इससे परियोजना की पारदर्शिता और वित्तीय स्थिरता को मजबूती मिलने की उम्मीद है।

Hyderabad Metro Phase 2: फ्यूचर सिटी तक मिलेगी डायरेक्ट कनेक्टिविटी
- फेज-2 का सबसे अहम हिस्सा एयरपोर्ट को नए विकसित हो रहे फ्यूचर सिटी से जोड़ना है। कॉरिडोर-IX के तहत लगभग 39.6 किमी लंबा रूट राजीव गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे (RGIA) को मुचरेला स्थित स्किल्स यूनिवर्सिटी से जोड़ेगा।
- इसे ग्रीन कॉरिडोर के रूप में डिजाइन किया जा रहा है, जिसमें करीब 18 किमी हिस्सा सड़क के स्तर पर होगा और 300 फीट चौड़े नए मार्ग का हिस्सा बनेगा।
- इस रूट के शुरू होने के बाद एयरपोर्ट से फ्यूचर सिटी तक की दूरी मात्र 40 मिनट में तय की जा सकेगी।
Hyderabad Metro: 162 किमी लंबा होगा मेट्रो नेटवर्क
इसके अलावा, फेज-2A और 2B के तहत कुल 162 किमी से अधिक के नेटवर्क का विस्तार प्रस्तावित है। नागोल से एयरपोर्ट (36.8 किमी) तक ब्लू लाइन का विस्तार होगा, जो एलबी नगर और चंद्रायनगुट्टा से होकर गुजरेगा। आईटी सेक्टर को मजबूत करने के लिए रायडुर्ग से कोकापेट नियोपोलिस (11.6 किमी) तक नया कॉरिडोर बनेगा। उत्तरी हैदराबाद के लिए जेबीएस से मेडचल (24.5 किमी) और शमीरपेट (22 किमी) तक कनेक्टिविटी विकसित की जाएगी। वहीं ओल्ड सिटी मेट्रो के तहत एमजीबीएस से चंद्रायनगुट्टा तक 7.5 किमी का काम शुरू हो चुका है।
सरकार का लक्ष्य मार्च 2026 तक फेज-1 का अधिग्रहण पूरा करना है, जबकि फेज-2 के विभिन्न हिस्सों को 2028 से 2030 के बीच चरणबद्ध तरीके से पूरा करने की योजना है। इस विस्तार के बाद हैदराबाद मेट्रो की दैनिक यात्री क्षमता में लगभग 8 लाख की बढ़ोतरी होने का अनुमान है, जिससे शहर के ट्रैफिक दबाव में भी कमी आएगी।












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