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घाटी के अलगाववादी नेता मुझे पराया न समझें, मुझसे आकर बात करें: राज्यपाल

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श्रीनगर। जम्मू कश्मीर के राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हुर्रियत उनसे कभी बात कर सकते हैं। राज्यपाल सत्यपाल मलिक ने कहा कि हुर्रियत को उन्हें विदेशी नहीं समझना चाहिए। एएनआई से बात करते हुए अलगाववादी नेताओं को भेजे अपने संदेश में यह भी कहा कि आम जनता के साथ ज्यादती या अन्याय के मामलों की जानकारी सीधे उन्हें दी जाए।

घाटी के अलगाववादी नेता मुझे पराया न समझे: राज्यपाल

मलिक ने कहा, 'जैसा कि मैं एक आम आदमी के लिए उपलब्ध हूं, मैं हुर्रियत के लिए भी उपलब्ध हूं। यदि यहां के निवासियों पर अत्याचार के संबंध में कुछ घटना होती है, तो मैं अपनी पूरी ताकतों के साथ न्याय देने का प्रयास करूंगा। मैं हुर्रियत के वरिष्ठ नेताओं और इच्छा का सम्मान करता हूं।

हालाँकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि हुर्रियत के साथ उनकी चर्चा राजनीतिक नहीं होगी। उन्होंने कहा, 'हुर्रियत के साथ विचार-विमर्श को राजनीतिक नहीं कहा जा सकता। राज्यपाल होने के नाते मेरे पास उनके साथ राजनीतिक चर्चा करने की शक्तियां नहीं हैं। केवल केंद्र के पास ऐसा करने का अधिकार है।'

बता दें कि राज्य में पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) और बीजेपी का गठबंधन टूटने और महबूबा मुफ्ती के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद पिछले साल जून में घाटी में राज्यपाल शासन लागू किया गया था।

राज्य में पीडीपी को सबसे ज्यादा 28 सीटे हैं, वहीं बीजेपी 25 सीटों के साथ दूसरे नंबर पर है। बता दें कि पिछले 10 सालों में यह चौथी बार है, जब घाटी में राज्यपाल शासन लागू करना पड़ा है।

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English summary
Hurriyat shouldn't consider me an alien, says Jammu and Kashmir Governor Satyapal Malik
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