'हुमायूं कबीर की BJP से ₹1000 करोड़ की डील, डिप्टी CM बनूंगा', TMC के स्टिंग Video पर हंगामा, नेता ने दी सफाई
Humayun Kabir Video Viral: पश्चिम बंगाल की सियासत में चुनाव से ठीक पहले एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसने राजनीतिक माहौल को पूरी तरह गरमा दिया है। हुमायूं कबीर से जुड़ा एक कथित स्टिंग वीडियो वायरल होने के बाद TMC और BJP आमने-सामने आ गई हैं। वीडियो में बड़े पैमाने पर पैसों की डील, सत्ता की रणनीति और चुनावी समीकरणों की चर्चा होने का दावा किया जा रहा है। हालांकि इस वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।
करीब 19 मिनट के इस कथित वीडियो में एक शख्स, जो हुमायूं कबीर जैसा दिख रहा है, BJP नेताओं के साथ ₹1000 करोड़ की डील की बात करता नजर आता है। वीडियो में यह भी कहा जा रहा है कि अगर उनकी पार्टी 60-70 सीटें जीत लेती है, तो उन्हें डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है।

वीडियो में यह भी दावा किया गया है कि BJP को 100-120 सीटें मिल सकती हैं और इससे ममता बनर्जी की पार्टी 100 सीटों के नीचे आ सकती है। साथ ही मुस्लिम वोटरों को प्रभावित करने के लिए करोड़ों रुपये खर्च करने की बात भी सामने आई है। हालांकि इस वीडियो को हुमायूं कबीर ने AI जनरेटेड बताया है।
अब सुनिए स्टिंग Video में क्या कहा जा रहा है...
"आप मुझे एक हजार करोड़ देंगे तो आपको पूरा फायदा होगा। मेरी सीट तो 70-80 होगी। आपकी सीट 100-120 तक जाएगी। तो ममता बनर्जी 100 के नीचे आएगी। तो मैं साफ साफ चुनाव के बाद लोगों को समझाऊंगा केंद्र में भाजपा है। इसके बाद मैं चुनाव के बाद साफ-साफ लोगों को समझाऊंगा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार है। ममता बनर्जी के तीन कार्यकाल में मुसलमानों के लिए कोई विकास नहीं हुआ है... पूरा मुस्लिम समाज मुझ पर भरोसा करता है।"
PMO और बड़े नेताओं का भी जिक्र
वीडियो में कथित तौर पर सुवेंदु अधिकारी से बातचीत और दिल्ली में केंद्रीय नेतृत्व से मिलने की बात कही गई है। इसके अलावा प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), मोहन यादव और हिमंता बिस्वा सरमा के नामों का भी जिक्र होने का दावा किया गया है। हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है और इन्हें लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है।
हुमायूं कबीर का पलटवार-'सब कुछ फेक और AI जनरेटेड'
विवाद बढ़ने के बाद हुमायूं कबीर ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि यह वीडियो पूरी तरह फर्जी है और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किया गया है। हुमायूं कबीर ने कहा कि "क्या प्रधानमंत्री इतना कमजोर है कि मुझे ₹1000 करोड़ देगा? यह पूरी तरह बेतुका दावा है।" उन्होंने चुनौती दी कि अगर किसी के पास सबूत है तो सामने लाए, वरना वे कानूनी कार्रवाई करेंगे।
उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने इसे फैलाया है, उनके खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। फिलहाल वह चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं, लेकिन समय मिलते ही कोर्ट का रुख करेंगे। कबीर ने यह भी साफ किया कि उनकी न तो असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा और न ही मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव से कभी मुलाकात हुई है और न ही कोई बातचीत।
अब जानिए हुमायूं कबीर कौन हैं? (Humayun Kabir Profile)

BJP का जवाब, 'FSL जांच हो'
BJP नेता सुवेंदु अधिकारी ने भी इस वीडियो को फर्जी बताया और कहा कि इसकी जांच केंद्रीय फॉरेंसिक लैब (FSL) से कराई जानी चाहिए। पार्टी का कहना है कि यह विपक्ष की साजिश है, जिससे चुनाव से पहले माहौल बिगाड़ा जा सके।
यह पूरा विवाद ऐसे समय पर सामने आया है, जब बंगाल में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। राज्य की 294 सीटों में से 118 पर हुमायूं कबीर की पार्टी चुनाव लड़ रही है और उनका गठबंधन AIMIM के साथ है। राज्य में 23 और 29 अप्रैल को दो चरणों में मतदान होना है और नतीजे 4 मई को घोषित किए जाएंगे।
राजनीतिक समीकरण और बड़ा सवाल
यह मामला बंगाल की राजनीति में पहले हुए चर्चित नारदा स्टिंग ऑपरेशन की याद भी दिला रहा है, जब चुनाव से पहले कई नेताओं के पैसे लेने के वीडियो सामने आए थे। हालांकि उस समय इसका चुनावी असर सीमित ही रहा था।
इस पूरे विवाद ने कई बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। क्या यह वीडियो असली है या AI से बनाया गया? क्या चुनाव से पहले यह एक सियासी हथकंडा है? और सबसे बड़ा सवाल यह कि क्या इससे वोटरों का रुख बदलेगा?
फिलहाल सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी, लेकिन इतना तय है कि इस स्टिंग वीडियो ने बंगाल की राजनीति में हलचल जरूर मचा दी है और चुनावी माहौल को और ज्यादा गरमा दिया है।












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