मुख्तार अंसारी पर लगा केस डायरी गायब करवाने का आरोप, आखिर कैसे हुआ सजा का ऐलान
अवधेश राय हत्याकांड मामले में मुख्तार अंसारी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। लेकिन, कोर्ट के लिए इस फैसले तक पहुंचना आसान नहीं था क्योकि इस केस से जुड़ी फाइल ही 2020 में गायब हो गई थी।

कांग्रेस नेता अजय राय के भाई अवधेश राय हत्याकांड मामले में सुनवाई के दौरान वाराणसी के एमपी एमएलए कोर्ट ने मुख्तार अंसारी को दोषी करार दिया है। लंबी जिरह, पुलिस चार्जशीट और गवाही के बाद भी कोर्ट के लिए फैसला करना आसान नहीं था। वहीं, अदालती कार्यवाही में उस वक्त रोड़ा आ गया जब 2020 में केस डायरी अचानक गायब हो गई थी।
वाराणसी पुलिस ने बीते साल अवधेश राय हत्याकांड की केस डायरी गायब होने पर मुख्तार अंसारी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी, क्योकि ये कहा जा रहा था कि केस से बचने के लिए मुख्तार अंसारी ने केस डायरी गायब करवा दी थी।
केस का ट्रायल शुरू होने से पहले ही कोर्ट के रिकॉर्ड रूम से ओरिजनल फाइल गायब हो गई। वहीं, इस मामले का खुलासा तब हुआ जब ट्रायल के दौरान केस डायरी की प्रतिलिपि कोर्ट में दाखिल की गई। वहीं, मुख्तार अंसारी के वकील ने अपील की थी कि केस डायरी की प्रमाणित फोटोस्टेट प्रतियों पर सुनवाई नहीं की जानी चाहिए।
मूल केस डायरी को लेकर जब पड़ताल हुई, तब पता चला कि इसी मामले में आरोपी राकेश श्रीवास्तव ने अपना केस अलग करवा लिया, जिसका ट्रायल प्रयागराज सेशन कोर्ट में चल रहा है। 20 जुलाई 2022 को वाराणसी के कैंट थाने में कोर्ट चौकी इंचार्ज विनोद कुमार मिश्रा की तरफ से मुख्तार अंसारी पर षड़यंत्र रचकर मुकदमा दर्ज कराया गया, जिसकी इस मामले में जांच चल रही है।












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