सोनिया और जयललिता से अलग सुषमा ने शुरू की नई परंपरा
विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने ट्टिवर के जरिए अपनी बीमारी की जानकारी देकर नेताओं की बीमारी को राज रखने वाले ट्रेंड को किया खत्म।
नई दिल्ली। बुधवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने माइक्रो ब्लॉगिंग साइट ट्विटर पर लिखा कि उनकी किडनी फेल हो गई है और इसलिए वह एम्स में भर्ती हैं। सुषमा ने बताया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए उन्हें कुछ टेस्ट्स से गुजरना है। सुषमा की इस जानकारी ने उन्हें एक अलग श्रेणी में लाकर खड़ा कर दिया।

जयललिता की बीमारी आज तक रहस्य
करीब एक माह पहले की बात है जब तमिलनाडु की मुख्यमंत्री जे जयललिता को बीमार होने की वजह से चेन्नई के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
हर कोई जानना चाहता था कि आखिर उन्हें हुआ क्या है और आज जब जयललिता पूरी तरह से ठीक हो चुकी हैं तो भी लोगों को पता नहीं लगा कि उन्हें हुआ क्या था।
सोनिया गांधी पर भी आज तक पर्दा
जयललिता से पहले कांग्रेस अध्ययक्षा सोनिया गांधी की तबियत भी खराब हुई थी। उनकी बीमारी को लेकर भी एक अजीब तरह का रहस्य आज तक बना हुआ है। कोई आज भी नहीं जान पाया है कि उन्हें क्या बीमारी है। वहीं सुषमा ने अपनी बीमारी के बारे में जानकारी देकर एक नई शुरुआत की है।
बलूचिस्तान से सुषमा को ऑफर हुई किडनी
सुषमा के बारे में जानकर अब पूरे देश के लोगों ने उनके जल्द स्वस्थ होने के लिए प्रार्थना शुरू कर दी है। देश ही नहीं बलूचिस्तान से भी लोग विदेश मंत्री सुषमा को अपनी किडनी देने को तैयार हैं। सुषमा स्वराज देश की शायद पहली ऐसी नेता हैं जिन्होंने खुद अपनी बीमारी के बारे में लोगों को बताया है।
राजनेता रहते हैं बीमारी को लेकर चिंतित
सुषमा से पहले राजनेता अक्सर अपने स्वास्थ्य और इससे जुड़ी किसी बीमारी को लेकर अक्सर चिंतित रहते थे। कई नेता जिन्हें कोई बीमारी थी, उन्होंने अपनी बीमारी को राज रखना ही बेहतर समझा।
कुछ राजनेता नहीं चाहते थे कि उनके फैंस को उनकी बीमारी के बारे में पता लगे। वहीं कुछ लोगों ने इस पर तब तक चुप रहना बेहतर समझा जब तक वह पूरी तरह से ठीक नहीं हो गए।
अस्पताल पर निर्भर रहते लोग
पिछले कुछ माह के दौरान कुछ लोग कुछ नेताओं की बीमारी के बारे में जानने को लेकर अजीब तरह से बेचैन दिखे थे।
कभी-कभी तो इस बारे में कोई जानकारी ही नहीं लोगों को मिल पाती थी। जयललिता का केस इसी तरह का केस है।लोगों को कभी-कभी अस्पताल से जारी होने वाली प्रेस रिलीज पर ही निर्भर रहना पड़ता था।
जब अस्पताल का कोई आधिकारिक प्रवक्ता उन्हें कुछ बताता तो ही उन्हें कुछ पता लग पाता। कभी-कभी कुछ केसेज में तो जानकारी को पूरी तरह से ब्लॉक कर दिया गया, सोनिया गांधी की बीमारी इसी श्रेणी में आती है।
सुषमा ने खुद की पहल
वहीं विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने अपने ट्विटर हैंडल की मदद से ही अपनी बीमारी के बारे में बता दिया। अस्पताल प्रशासन का मानना था कि अब जबकि मंत्री ने खुद ही अपनी बीमारी के बारे में बता दिया है तो ऐसे में उसे कोई जानकारी देने की जरूरत नहीं है।












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