पीएम मोदी की रणनीति, बिना गोली चलाए पाक को लगाओ किनारे
नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इन दिनों पांच देशों के दौरे पर हैं। पीएम मोदी का यह दौरा उनकी सरकार का दूसरा कार्यकाल पूरा होने के कुछ ही दिन बाद हो रहा है। पीएम मोदी की विदेश नीति की कई विशेषज्ञों ने पिछले दिनों कई तरह से व्याख्या की लेकिन पाकिस्तान पर उनकी नीति को लेकर कई बार उंगली भी उठाई गई है।

कहीं न कहीं पाक पर उनकी नीति की आलोचना करने वाले आगे आने वाले समय में गलत साबित हो सकते हैं। पढ़िए यह रिपोर्ट और जानिए कि आखिर कैसे पीएम मोदी और उनकी सरकार चुपचाप पाक को अंतराष्ट्रीय स्तर पर धीरे-धीरे किनारे कर रही है।
ईरान और अफगानिस्तान
पीएम मोदी कुछ ही दिनों पहले अपने ईरान दौरे से वापस लौटे हैं और इसके बाद वह रविवार को अफगानिस्तान पहुंचे। भारत कहीं न कहीं अपनी रणनीति को तैयार करने में लगा है। इसी रणनीति का हिस्सा है ईरान के साथ हुई चाहबहार डील और अफगानिस्तान में सलमा डैम उद्घाटन।
परेशान हुए पाक के विशेषज्ञ भी
यहां तक कि अफगानिस्तान और ईरान में भारत के बढते प्रभाव के बाद अब पाकिस्तान के विशेषज्ञ भी परेशान हैं। हाल ही में इस्लामाबाद आधारित एक थिंक टैंक की ओर से आयोजित कांफ्रेंस में भी पाक के रिटायर्ड आर्मी ऑाफिसर्स की ओर से ईरान, अफगानिस्तान और भारत के बीच चाबहार डील पर चिंता जताई गई है। इस कांफ्रेंस में उन्होंने माना कि यह डील पाक और चीन के बीच ग्वादर पोर्ट डील को प्रभावित कर पाक के लिए एक बड़ी चुनौती साबित हो सकती है। इसके अलावा यह देश के आर्थिक विकास को भी प्रभावित कर सकती है।
अफगानिस्तान में बढता प्रभाव
भारत, पाकिस्तान से सटे इसके पड़ोसी अफगानिस्तान में भी अपना प्रभाव बढ़ाने में कामयाब हो रहा है। पहले काबुल स्थित अफगान संसद की नई बिल्डिंग और अब सलमा डैम का उद्घाटन इसका साफ सुबूत है। दोनों ही घटनाक्रम साबित करते हैं कि भारत ने अफगानिस्तान पर पिछले कुछ दिनों में अपना एक अलग असर छोड़ा है। अब भारत अफगानिस्तान और ईरान को एक हाइवे और रेल लिंक के जरिए पाक को तीनों ओर से घेरने की तैयारी कर चुका है।
अमेरिका से बढ़ती करीबी, पाक में छाई खामोशी
सोमवार को जहां पीएम मोदी स्विटजरलैंड में हैं तो वहीं मंगलवार को उनकी मुलाकात होगी अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा से। पीएम मोदी को खासतौर पर राष्ट्रपति ओबामा ने द्विपक्षीय मुलाकात करने के लिए बुलाया है। राष्ट्रपति ओबामा जनवरी 2017 में अपना कार्यकाल खत्म होने से पहले दुनिया के कुछ चुनिंदा नेताओं से मुलाकात करना चाहते हैं। पीएम मोदी भी उनमें से ही एक हैं। लेकिन इन सबके बीच पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान में एक अजीब सी खामोशी है।












Click it and Unblock the Notifications