NIA चीफ का एक बयान बन सकता है भारत के लिए बड़ी मुसीबत
नई दिल्ली। पिछले दिनों राष्ट्रीय जांच एजेंसी यानी एनआईए के चीफ डीजी शरद कुमार ने एक इंटरव्यू में पठानकोट आतंकी हमले में पाकिस्तान की सरकार और पाक की किसी सरकारी एजेंसी की भूमिका को लेकर एक बड़ा बयान दे डाला। उनका यह बयान इस हमले में भारत की जांच और हमले को लेकर पाक पर बनाए जा रहे अंतराष्ट्रीय दबाव के लिए नुकसानदायक साबित हो सकता है।
क्या कहा एनआईए डीजी ने
एक इंटरव्यू में एनआईए चीफ शरद कुमार ने कहा था कि अभी तक एनआईए के पास इस बात के कोई सुबूत नहीं हैं जिनसे यह साबित हो सके कि पठानकोट आतंकी हमले के लिए जैश-ए-मोहम्मद या फिर मौलाना मसूद अजहर को पाक की सरकार या फिर किसी सरकारी एजेंसी की ओर से कोई मदद मिली थी।
सरकार के दावे से अलग बयान
उनका यह बयान सरकार के उस दावे से एकदम अलग है जिसमें सरकार ने कहा था कि इस बात में कोई शक नहीं है कि हमले में पाक के नागरिकों का हाथ था और जिसके लिए आईएसआई और पाक सेना की
ओर से मदद मिली थी।
क्या कहा पाकिस्तान ने
एनआईए जहां अब अपने चीफ के बयान के बारे में कुछ भी कहने से बच रही है तो वहीं पाक ने कहा है कि वह हमेशा से ही इसी बात को कहता आया था। एनआईए चीफ शरद कुमार ने उसके उसी रुख का समर्थन किया है।
विदेश मंत्रालय का बयान
एनआईए ने बाद में एक बयान जारी कर इस बयान को गलत करार दिया था। एनआईए ने कहा था कि डीजी के बयान को गलत तरीके से पेश किया गया। वहीं विदेश मंत्रालय की ओर से कहा गया है कि एनआईए डीजी ने खुद इस बयान पर अपना स्पष्टीकरण दे दिया है। लेकिन यह बात भी साफ है कि यह बयान भारत की स्थिति को कमजोर कर सकता है।













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