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तो राहुल गांधी के 'प्लान बी' ने पलट दी कर्नाटक की सियासी बाजी!

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बेंगलुरु। कर्नाटक के दो दिन पुराने सीएम येदुरप्‍पा ने शनिवार को बहुमत परीक्षण से पहले ही इस्तीफा देकर बीजेपी की हार स्वीकार कर ली और उसके बाद उस गहमागहमी और सियासी नाटक पर विराम लग गया जो कि 15 मई के बाद से लगातार जारी था। बीजेपी के हार मानते ही कांग्रेस और जेडीएस खेमा खुशी से नाच उठा और अब उस व्यक्ति को सीएम की कुर्सी नसीब होने जा रही है, जिन्हें कि खुद चुनाव से पहले एहसास नहीं था कि वो किंग बन जाएंगे।

राहुल गांधी ने बदले सियासी समीकरण

राहुल गांधी ने बदले सियासी समीकरण

फिलहाल ये राजनीति है, जहां कभी भी कुछ भी हो सकता है, कर्नाटक चुनाव में हारकर भी आज कांग्रेस सत्ता में बनी हुई है ये ही उसके लिए बहुत बड़ी बात है। घनघोर निराशा से गुजर रही कांग्रेस के लिए ये बात काफी मायने रखती है।

कर्नाटक का चुनाव

कर्नाटक का चुनाव

इसमें कोई शक नहीं कि कर्नाटक का चुनाव राहुल गांधी के लिए प्रतिष्ठा का सबब बना हुआ था। हालांकि पार्टी को इतनी कम सीटें मिली लेकिन फिर भी वो काफी खुश है, इसे कांग्रेस राहुल गांधी के बी-प्लान के सक्सेसफूल होने से जोड़ रही है।

राहुल गांधी का 'प्लान बी'

राहुल गांधी का 'प्लान बी'

जरा गौर फरमाइए चुनाव की शाम को जैसे ही एग्जिट पोल के नतीजे सामने आए और अधिकांश में ये कहा गया कि कर्नाटक में त्रिशंकु विधानसभा के आसार हैं, पार्टी के हाईकमान तुरंत गुलाब नबी आजाद और अशोक गहलोत को बेंगलुरू रवाना कर दिया। सिद्धिरमैया का दलित सीएम बनने वाला बयान भी राहुल गांधी के ही प्लान का हिस्सा था, कहा जा रहा है कि कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी गोवा और मणिपुर जैसी स्थिति से निपटने के लिए पहले से तैयारी रखना चाहते थे और उनकी तैयारी यहां रंग लाई और आज कर्नाटक में बीजेपी बुरी तरह से विरोधियों के कारण परास्त हो गई, बावजूद इसके कि उसके पास जनादेश था।

सियासी समीकरण को राहुल गांधी ने बदला

सियासी समीकरण को राहुल गांधी ने बदला

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक राज्यपाल वजुभाई वाला द्वारा सरकार गठन के लिए भाजपा को आमंत्रित करने के बाद जो सियासी उठापटक शुरू हुई, उसमें राहुल वहां मौजूद शीर्ष नेताओं गहलोत एवं आजाद और कर्नाटक कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डीके शिवकुमार से लगातार संपर्क में बने रहे, कांग्रेस का उग्र हमला राहुल गांधी के आक्रामक प्लान का ही अंग कहा जा रहा था। ऐसी भी खबर है कि राहुल गांधी ने पार्टी के शीर्ष नेताओं से विचार-विमर्श के बाद येदुरप्‍पा ने को सरकार गठन के लिए आमंत्रित किए जाने के राज्यपाल के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देने को स्वीकृति प्रदान की थी।

यह भी पढ़ें: कर्नाटक में मायावती के चक्रव्यूह में फंसी भाजपा, हिट हुआ 1 विधायक वाली BSP का प्लान

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English summary
As president of party, victory of Congress-JDS alliance in Karnataka holds a huge significance for the newly-elected chief Rahul Gandhi. However, to retain Karnataka, Gandhi scion had started working on plan B much earlier.
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