Railway Kavach: भारत में कितनी ट्रेनों में 'कवच' लगा है? रेल मंत्री ने खुद दिया जवाब
Kavacj Indian Railways: ओडिशा में बालासोर ट्रेन दुर्घटना होने के बाद से रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे थे। लोगों ने इस दौरान कवच सुरक्षा सिस्टम पर किए गए दावे को लेकर रेलवे को घेरना शुरू कर दिया था। इस हादसे के बाद रेलवे ने भी माना था कि मार्ग पर 'कवच' स्थापित नहीं किया गया था। अगर कवच सिस्टम लगा होता तो एक्सप्रेस ट्रेनों को एक-दूसरे से टकराने से रोक दिया होता।
वहीं अब यह मुद्दा संसद में उठाया गया। 20 जुलाई से चल रहे मानसून सत्र के दौरान, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीआई) के सांसद बिनॉय विश्वम ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से 'कवच' प्रणाली पर कई सवाल पूछे थे। विपक्षी सांसद ने पूछा कि देश की कुल ट्रेनों में से कितनी ट्रेनों में 'कवच' लगाए गए हैं।

रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कवच सिस्टम पर जवाब देते हुए कहा कि दक्षिण मध्य रेलवे के सिकंदराबाद डिवीजन में (30), हैदराबाद डिवीजन (56), गुंतकल डिवीजन (28) और विजयवाड़ा डिवीजन (7) से संबंधित कुल 121 लोकोमोटिव (इलेक्ट्रिक मल्टीपल यूनिट रेक सहित) 'कवच' से लैस हैं। मंत्री के जवाब में कहा गया कि कवच फिटेड इंजनों से चलने वाली ट्रेनें लोको लिंक के अनुसार रेलवे की परिचालन आवश्यकताओं के अनुसार बदलती रहती हैं।
सीपीआई सांसद विश्वम ने पूछा कि सरकार ने अब तक 'कवच' के निर्माण पर कितना पैसा खर्च किया है। मंत्री ने जवाब दिया कि इसके कार्यान्वयन पर कुल 351.91 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। सीपीआई सांसद ने पूछा कि इस तकनीक के निर्माण में शामिल निजी कंपनियों की संख्या और उन्हें भुगतान की गई राशि क्या है। राज्यसभा में इस अतारांकित प्रश्न पर, मंत्री ने उत्तर दिया कि 'कवच' के निर्माण में कुल तीन कंपनियां शामिल रही हैं और ट्रैक साइड और लोकोमोटिव कार्यों सहित भुगतान की गई राशि लगभग ₹351.91 करोड़ है। सीपीआई सांसद ने यह भी पूछा कि क्या 'कवच' प्रणाली वाली ट्रेन में कोई दुर्घटना या विफलता हुई है। मंत्री ने कहा कि कोई दुर्घटना नहीं हुई है।












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