पाकिस्तान चुनाव को किस तरह देख रहे हैं जम्मू कश्मीर के लोग?
श्रीनगर। पाकिस्तान की अवाम अपना नया प्रधानमंत्री चुनने के लिए आज वोट कर रही है, वहीं जम्मू कश्मीर राज्य के भी कई लोग इस चुनाव में बड़ी दिलचस्पी ले रहे है। पाकिस्तान में जैसे-जैसे वोटिंग का समय खत्म होता जा रहा है, तो दूसरी तरफ जम्मू कश्मीर के लोग टीवी और रेडियो के माध्यम से पड़ोसी मुल्क के आम चुनाव पर पूरी तरह से ध्यान लगाए हुए हैं। हालांकि, कई लोगों को निराशा झेलनी पड़ रही है, क्योंकि पिछले सप्ताह राज्यपाल ने राज्य में पाकिस्तान और पाकिस्तानी समर्थित कुल 30 चैनलों को बैन कर दिया था।

इसमें कोई दो राय नहीं कि पाकिस्तान की राजनीति जम्मू कश्मीर पर बहुत बड़ा प्रभाव डालती है। एक रिटायर्ड बैंक ऑफिसर मंजूर अहमद ने कहा कि पाकिस्तान में एक स्थिर सरकार घाटी में शांति के लिए भारत के साथ मिलकर काम कर सकती है। जम्मू कश्मीर के कई इलाकों में लोग पाकिस्तान चुनाव में अपनी दिलचस्पी दिखा रहे हैं। वहीं, श्रीनगर जैसे शहर में पाकिस्तान के भविष्य को लेकर भी चर्चा करते हुए दिखाई दे रहे हैं।
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श्रीनगर में 57 साल के दुकानदार अब्दुल सलाम कहते हैं, 'यहां तक कि अगर हम सभी को यह लगता है कि वहां सेना एक मजबूत संस्था है, फिर भी कमजोर लोकतंत्रों के लिए मजबूत तानाशाही के अलावा दूसरा कोई विकल्प नहीं है।' यहां तक कि जो युवा पाकिस्तान की राजनीति में कोई विशेष रुचि नहीं दिखाते हैं, तो पाकिस्तान में लोकतंत्र के भविष्य को लेकर यह एक चिंता का विषय है।
कश्मीरी छात्र सुहैल कहते हैं, 'मुझे नहीं लगता है कि एक बार लोकतांत्रिक सरकार खत्म हो जाने के बाद, भारत और पाकिस्तान के बीच रास्ते खुल जाएंगे।'
वहीं, जम्मू कश्मीर की सड़को और गलियों में पाकिस्तान में चुनाव को लेकर लोगों के बीच चर्चाएं आम है, लेकिन मुख्यधारा के राजनेतओं और अलगाववादियों ने इस पर अपनी चुप्पी साध रख रही है।
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