सर्जिकल स्ट्राइक के वक्त ईरान कर रहा था हमारी मदद!
नई दिल्ली। जिस समय इंडियन आर्मी एलओसी पार सर्जिकल स्ट्राइक को अंजाम दे रही थी, उस समय ईरान भी अप्रत्यक्ष तरीके से भारत की मदद कर रहा था। एक तरफ आतंकी कैंपों पर हमले हो रहे थे तो दूसरी ओर ईरान की सेना बलूचिस्तान में मोर्टार से फयरिंग कर रही थी। इस घटना के बाद से आशंका लगाई जा रही है कि ईरान ने यह कदम शायद भारत के साथ अपनी दोस्ती को और मजबूत करने के लिए उठाया हो।

पाक सेना बिजी ईरान का मुकाबला करने में
ईरान के बॉर्डर गार्ड्स ने गुरुवार को पाकिस्तान के बलूचिस्तान इलाके में मोर्टार से फायरिंग की थी। इसकी वजह से पाकिस्तान की सेना का एक सेक्शन वेस्टर्न बॉर्ड्स पर फायरिंग का जवाब देने में व्यस्त हो गया था। पाक आर्मी भी ईरान के इस कदम से काफी हैरान थी।
बढ़ा फौज का डेप्लॉयमेंट
पाक सेना ने इस घटना के बाद फौज का डेप्लॉयमेंट बढ़ा दिया था। पाक सेना ईरान बॉर्डर गार्ड्स के इस कदम के पीछे वजह का पता नहीं लगा पा रही है। मोर्टार फायरिंग के बाद यहां बसे नागरिकों मे डर का माहौल पैदा हो गया है।
बलूचिस्तान सरकार के अधिकारी की ओर से बयान दिया गया कि ईरान के बॉर्डर गार्ड्स की ओर से पंजगूर जिले में मोर्टार से फायरिंग की गई थी।
कड़ी हुई सुरक्षा
सुरक्षाबलों ने हमलों के बाद सीमा पर सुरक्षा कड़ी कर दी है। पाकिस्तान 900 किमी लंबी सीमा ईरान के साथ साझा करता है। वर्ष 2014 में दोनों देशों ने फैसला किया था कि वह आतंकियों की मौजूदगी को ध्यान में रखते हुए इंटेलीजेंस साझा करेंगे।
सेना पर पाक की ओर से हमले
हालांकि ईरान पाक आर्मी की ओर से समर्थन हासिल कर रहे सुन्नी मिलिशिया जुनदुल्ला ग्रुप से काफी निराश है। यह संगठन अक्सर ईरान की सेना और गार्ड्स को निशाना बनाता रहता है। ईरान ने हमेशा ही पाकिस्तान को उसकी सीमा में आतंकी संगठनों की घुसपैठ के लिए दोषी ठहराया है।
154 ईरानी नागरिकोंं की हत्या
माना जाता है कि इस संगठन के पास 700 से 2000 फाइटर्स हैं और माना जा रहा है कि वर्ष 2003 से 154 ईरानी नागरिकों की हत्या और 320 ईरानी नागरिकों के घायल होने के लिए जिम्मेदार है।












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