कर्नाटक: टिकट रुकने पर बोले मेहुल चोकसी के वकील, केस लड़ने से मैं कैसे अपराधी हो गया?
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने चंद्रमौली को टिकट दिया, तो बीजेपी ने सवाल खड़ा किया कि मेहुल चोकसी के वकील को टिकट देकर कांग्रेस ने नीरव मोदी से अपनी नजदीकी साबित कर दी
नई दिल्ली। कर्नाटक विधानसभा चुनाव में एक टिकट को लेकर कांग्रेस का सिरदर्द बढ़ा हुआ है। पीएनबी स्कैम में आरोपी मेहुल चौकसी के वकील रहे एचएस चंद्रमौली को मादेकरी से टिकट दिए जाने बीजेपी लगातार कांग्रेस पर निशाना साध रही है। मंगलवार को खबर आई की कांग्रेस ने चंद्रमौली का टिकट होल्ड पर डाल दिया है। उधर एचएस चंद्रमौली मादेकरी में अपना चुनाव प्रचार कर रहे हैं। प्रचार के दौरान एचएस चंद्रमौली ने वन इंडिया से बातचीत में कहा कि किसी भी व्यक्ति का केस लड़ने से ये कहा साबित हो जाता है कि केस लड़ने वाला वकील ही अपराधी है। चंद्रमौली ने कहा' मैं एक वकील हूं। साल 2010 में किसी व्यक्ति के लिए कोर्ट में पैरवी की अगर वो 2018 में अपराधी साबित हुआ तो उसमें मेरी क्या भूमिका है मुझे इस मामले में क्यों घसीटा जा रहा है।' चंद्रमौली ने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली की बेटी ने नीरव मोदी का केस लड़ा इसकी बात कोई नहीं कर रहा है। चंद्रमौली ने साफ किया कि उनका मेहुल चोकसी या नीरव मोदी से कोई करीबी रिश्ता नहीं है। कभी किसी ने अगर उनका केस लड़ा तो कौन सा गुनाह किया।

कांग्रेस ने पूछे तीन सवाल
उधर कांग्रेस प्रवक्ता प्रवक्ता जयवीर शेरगिल ने बीजेपी पर पलटवार करते हुए कहा कि बीजेपी सवाल उठाने से पहले हमारे 3 सवालों के जवाब दे। पहला वित्त मंत्री अरुण जेटली भोपाल गैस त्रासदी की जिम्मेदार डाऊ केमिकल्स का केस लड़े थे, वो क्या था? दूसरा अरुण जेटली की बेटी नीरव मोदी की वकील रहीं, जबकि वो केंद्र में वित्त मंत्री थे। इस पर बीजेपी का क्या कहना है। तीसरा सुषमा स्वराज के पति और बेटी ललित मोदी के वकील रहे। इस मुद्दे पर बीजेपी अपनी बात रखे। कांग्रेस भले ही वो खुलकर अपने फैसले को जायज ठहरा रही हो, लेकिन चल तो वो वेट एंड वाच की रणनीति पर ही रही है।इसीलिए वो दोहरी रणनीति अपना रही है। उसको इंतजार जनता के बीच संदेश का है। उसी हिसाब से वो अगला कदम उठाएगी।

बृजेश कलप्पा तगड़े दावेदार थे
विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने चंद्रमौली को टिकट दिया, तो बीजेपी ने सवाल खड़ा किया कि मेहुल चोकसी के वकील को टिकट देकर कांग्रेस ने नीरव मोदी से अपनी नजदीकी साबित कर दी। इस सीट से कर्नाटक कांग्रेस के नेता बृजेश कलप्पा तगड़े दावेदार थे। इसी बीच कलप्पा ने कहा, 'मैं उस शख्स के हाथों दौड़ से हटाए जाने का कलंक झेल लूंगा जो 2016 में पार्टी में शामिल हुए, उसी साल विधान परिषद का टिकट पाया और हार गया और उसी शख्स के पास अब मादीकेरी से विधानसभा टिकट है।' उन्होंने तंजिया लहजा अपनाते हुए कहा कि वह अगली बार ग्राम पंचायत चुनाव में अपनी चुनावी किस्मत आजमाएंगे। उन्होंने लिखा, 'मेरी पार्टी का कोई साफ तौर पर मुझे अपनी हैसियत की बराबरी वाले किसी चुनाव क्षेत्र से नामांकन भरने को कह रहा है। लेकिन जिन फेसबुक मित्रों को मैं प्यार करता हूं और सम्मान करता हूं, मेरे लिए आंसू नहीं बहाएं' उन्होंने कहा, 'इतनी सारी निराशाओं के बाद मुझे राजेश खन्ना के अमर शब्दों का इस्तेमाल करने का अधिकार है, 'पुष्पा, आई हेट टीयर्स'।'

बीजेपी ने कहा-कांग्रेस विद नीरव
बीजेपी के आईटी सेल के प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर पर कांग्रेस विद नीरव हैशटैक का उपयोग करके पूछा है कि अधिवक्ता एचएस चंद्रमौली को मादीकेरी से क्यों टिकट दिया गया जबकि मुख्यमंत्री सिद्धारमैया के कानूनी सलाहकार एवं पार्टी प्रवक्ता ब्रजेश कलप्पा को टिकट नहीं दिया गया जो उसी इलाके के हैं। मालवीय ने ट्वीट किया, 'नीरव मोदी के मामा मेहुल चौकसी के वकील एचएस चंद्रमौली में क्या खास है कि कांग्रेस ने उनको मादीकेरी से टिकट दे दिया जबिक सिद्धरमैया के कानूनी सलाहकार एवं पार्टी प्रवक्ता ब्रजेश कलप्पा को उससे वंचित कर दिया? मुख्यमंत्री के सहयोगी पर राहुल के मित्र? # कांग्रेसविदनीरव।'












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