कैसे बेंगलुरु में एक बैडमिंटन टूर्नामेंट से हुआ कोरोना विस्फोट ? अबतक 27 संक्रमित
बेंगलुरु, 29 दिसंबर: बेंगलुरु में एक रियायशी सोसाइटी में कुछ दिन पहले एक बैडमिंटन टूर्नामेंट का आयोजन किया गया था। अब लग रहा है कि उसमें हिस्सा लेने वाले कई लोग कोरोना संक्रमित हो चुके हैं। अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि यह मामला किस वेरिएंट से जुड़ा है, जिसकी पड़ताल के लिए सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे जा चुके हैं। संक्रमितों में कुछ की ट्रैवल हिस्ट्री भी रही है। इस बीच राज्य में कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए राज्य सरकार ने कई ऐहतियाती तौर सख्त कदमों का ऐलान किया है, जिसमें नाइट कर्फ्यू भी शामिल है।

बैडमिंटन टूर्नामेंट से हुआ कोरोना विस्फोट !
कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में एक हाई-राइज सोसाइटी में कोरोना विस्फोट की जांच में स्वास्थ्य अधिकारी माथा खपा रहे हैं। क्योंकि, उन्हें यह जांच करने की जिम्मेदारी मिली है कि एक अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स में एक साथ 27 लोगों के संक्रमित होने की वजह वहां हाल ही में हुआ एक बैडमिंटन टूर्नामेंट तो नहीं है? बृहत बेंगलुरु महानगर पालिके (बीबीएमपी) ने अब उसे कोविड-19 क्लस्टर घोषित कर दिया है। शुरू में कुछ मामलों के पॉजिटिव आने के बाद स्वास्थ्य अधिकारियों ने उन सभी का टेस्ट करवाया, जिन्होंने उस टूर्नामेंट में हिस्सा लिया था। उनमें से अबतक ऐसे 27 लोग पाए जा चुके हैं, जो कोविड संक्रमित हो चुके हैं। वहां संक्रमण की रोकथाम के कदम उठाए गए हैं और सैंपल जीनोम सीक्वेंसिंग के लिए भेजे गए हैं।

18 दिसंबर को हुआ था बैडमिंटन टूर्नामेंट
बीबीएमपी के चीफ हेल्थ ऑफिसर (पब्लिक हेल्थ) बाला सुंदर के मुताबिक अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स के दो टावर में कई फ्लोर पर कोविड संक्रमण पाया गया है। निगम ने अब सोसाइटी के सारे कॉमन एरिया मसलन, जिम, स्विमिंग पूल को बंद कर दिया है और जिन फ्लोर पर संक्रमित मरीज हैं, उस फ्लोर के ऊपर और निचले फ्लोर पर माइक्रो कंटेंमेंट उपाय अपनाए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा है कि संक्रमण का स्रोत अपार्टमेंट कॉम्पलेक्स में 18 दिसंबर को आयोजित बैडमिंटन टूर्नामेंट लग रहा है। इनके अनुसार उस टूर्नामेंट में 77 निवासियों ने हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि, 'इवेंट के दो से तीन दिनों बाद कुछ निवासियों ने हल्के लक्षण महसूस किए। उन्होंने खुद से टेस्ट करवाया।' उनके अनुसार कुछ निवासियों की ट्रैवल हिस्ट्री है, लेकिन कोई भी हाई रिस्क देशों की न तो यात्रा की है और ना ही लौटा है।

नए साल को लेकर कई पाबंदियों का ऐलान
मंगलवार को ही कर्नाटक सरकार ने कोरोना संक्रमण को नियंत्रित करने के लिए 10 दिनों तक नाइट कर्फ्यू का ऐलान किया है। यह नाइट कर्फ्यू 7 जनवरी तक रात के 10 बजे से सुबह 5 बजे तक लागू रहेगा। राज्य में कोविड क्लस्टर में तेजी से इजाफा हुआ है और ओमिक्रॉन वेरिएंट से इंफेक्शन के मामले भी बढ़े हैं। राज्य सरकार ने संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए अतिरक्त रोकथाम के कदम उठाए हैं। राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र ने बुधवार को बयान जारी करके लोगों से अपील की है कि जनता के हित में अधिकारियों और पुलिस के साथ सहयोग करें। एहतियात के तौर पर सरकार ने नए साल की सभी पार्टियों और सार्वजनिक स्थानों पर भीड़ जुटाने पर भी पाबंदी लगा दी है। यही नहीं ढाबों, होटल, पब, क्लब और रेस्टोरेंट भी 30 दिसंबर से 2 जनवरी तक 50% क्षमता के साथ ही काम कर सकेंगे।

नाइट कर्फ्यू के लिए जारी गाइडलाइंस
सरकारी आदेश के मुताबिक नाइट कर्फ्यू के दौरान लोगों की आवाजाही पर सख्त पाबंदी रहेगी। सिर्फ आवश्यक सेवाओं, मरीजों और उनके अटेंडेंट, उद्योगों और कंपनियों जिनके लिए रात में काम करने की आवश्यकता है, सामान ढोने वाले वाहनों, बस, ट्रेन, मेट्रो, हवाई यात्रा, होम डिलिवरी और ई-कॉमर्स को जारी रहने को इस पाबंदी से राहत दी गई है। कंपनियों में रात की शिफ्ट में काम करने वाले कर्मचारी वैध आई-कार्ड के आधार पर आ-जा सकेंगे। इसी तरह बसों, ट्रेनों और हवाई यात्रियों को वैध यात्रा दस्तावेजों के साथ आवाजाही की इजाजत मिलेगी। आदेश में यह भी साफ किया गया है कि आईटी और आईटी से संबंधित कंपनियों के सिर्फ उन्हीं कर्मचारियों को अनुमति मिलेगी, जिनके लिए ऑफिस से काम करने की आवश्यकता है, बाकी वर्क फ्रॉम होम करेंगे। (तस्वीरें- प्रतीकात्मक और फाइल)












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