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अनिल अंबानी पर जेल जाने का खतरा बढ़ा, इस तरह कर्ज चुकाने का बना रहे प्लान

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) के चेयरमैन अनिल अंबानी को अवमानना का दोषी करार देते हुए टेलीकॉम इक्विपमेंट कंपनी एरिक्सन को 4 हफ्ते में 453 करोड़ का भुगतान करने का आदेश दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि ये रकम ना चुकाने की हालत में अनिल अंबानी को तीन महीने की जेल होगी। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब अनिल अंबानी की मुश्किलें बढ़ी हुई हैं। अनिल अंबानी अब एरिक्सन को सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई मियाद के अंदर 453 करोड़ चुकाने के लिए फंड इकट्ठा करने में जुटे हैं लेकिन ऐसा करना उनके लिए आसान नहीं है।

पैसे नहीं चुकाए तो होगी तीन माह की जेल

पैसे नहीं चुकाए तो होगी तीन माह की जेल

सूत्रों के मुताबिक, अनिल अंबानी अपने भाई की कंपनी से भुगतान और रियल एस्टेट एसेट्स की बिक्री के जरिए एरिक्सन का बकाया चुकाने की कोशिश में जुटे हैं। आरकॉम को 550 करोड़ रुपये 15 दिसंबर तक चुकाने थे लेकिन आरकॉम ये भुगतान कंपनी नहीं कर पाई जिसके बाद ये मामला सुप्रीम कोर्ट के दरवाजे तक जा पहुंचा था।

'118 करोड़ रु सुप्रीम कोर्ट में पहले ही जमा किए जा चुके हैं'

'118 करोड़ रु सुप्रीम कोर्ट में पहले ही जमा किए जा चुके हैं'

इस मामले में आरकॉम की तरफ से एक बयान में कहा गया है कि 118 करोड़ रुपए सुप्रीम कोर्ट में पहले ही जमा किए जा चुके हैं। आरकॉम ने इनकम टैक्स रिफंड के रूप में अपने बैंक अकाउंट में आए 260 करोड़ रुपये सीधे एरिक्सन को ट्रांसफर करने की तुरंत स्वीकृति मांगी है। कंपनी की तरफ से कहा गया कि उनको यकीन है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा दिए गए समय के अंदर ही एरिक्सन को पूरी रकम चुका दी जाएगी।

बड़े भाई मुकेश पर टिकीं अनिल अंबानी की नजरें

बड़े भाई मुकेश पर टिकीं अनिल अंबानी की नजरें

सूत्रों के हवाले से ये भी बताया गया है कि कंपनी चेन्नई और कोलकाता के रियल एस्टेट एसेट्स बेचकर बाकी रकम जुटाने की कोशिश में लगी है। सूत्रों के हवाले से ये भी खबर है कि अनिल के बड़े भाई और एशिया के सबसे अमीर शख्स मुकेश अंबानी के नियंत्रण वाली रिलायंस जियो से आग्रह किया जा सकता है कि वह फाइबर एसेट्स डील में बाकी रकम का भुगतान जल्द करें। आरकॉम ने अगस्त में कहा था कि उसने जियो के साथ ऑप्टिकल फाइबर और टेलिकॉम एसेट्स का 5,000 करोड़ रुपये में सौदा किया है। सूत्रों का कहना है कि जियो ने 780 करोड़ का भुगतान कर दिया था और कंपनी से बाकी रकम का भुगतान जल्द करने को कहा जा सकता है। आरनाम में जापानी कंपनी की 42.88 फीसदी जबकि रिलायंस की 42.9 फीसदी हिस्सेदारी है। कंपनी ने कहा था कि अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने पर विचार कर रही है। इसके अलावा रिलायंस पावर में हिस्सेदारी बेचने की बात कही गई थी।

4 सप्ताह के भीतर 453 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा- SC

4 सप्ताह के भीतर 453 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा- SC

बता दें कि लगभग 550 करोड़ की बकाया रकम चुकाने में नाकाम रहने पर आरकॉम के खिलाफ अवमानना की याचिका सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले फैसला सुनाते हुए कहा था कि अनिल अंबानी और 2 निदेशकों को 4 सप्ताह के भीतर एरिक्सन इंडिया को 453 करोड़ रुपये का भुगतान करना होगा और अगर वे राशि का भुगतान करने में नाकाम रहते हैं, तो उन्हें तीन महीने की जेल होगी। सुप्रीम कोर्ट ने सभी पर 1-1 करोड़ रुपए का जुर्माना भी लगाया। कोर्ट ने कहा कि अगर एक महीने के भीतर ये राशि जमा नहीं कराई गई तो इसके लिए एक महीने की जेल की सजा होगी।

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